लाकडाउन के दौरान पिछले तीन सप्ताह में ही जिले के करीब १८ लाख लोगों के खाते में अलग-अलग योजनाओं के तहत सहायता राशि पहुंची है। ये खाते सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत सैलेरी एकाउंट से अलग हैं। इतना ही नहीं इनमें हजारों खातों में तो महीनों बाद कोई लेनदेन हुआ है। प्रधानमंत्री सम्मान निधि, पेंशन, मनरेगा समेत कई योजनाएं पहले से चल रही हैं।
अब कोरोना महामारी संकट के दौरान बेरोजगार हुए लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने सभी पात्रों के खाते में निर्धारित ट्रांसफर कर दी है। विधवा, निराश्रित महिला आदि पेंशन खाताओं में तो दो महीने की राशि एक साथ भेजी गई है। इनके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भी अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि प्रदान की गई है। सहायता राशि सीधे पात्रों के खाते में पहुंची है। ऐसे में बैंकों पर भी दबाव बढ़ गया है।
3 of 4
भारतीय करेंसी नोट
- फोटो : File
योजनाएं\t\t\t\t\tलाभार्थियों की संख्या महिला जनधन खाता\t\t\t\t\t८.७० लाख श्रमिकों को १०००-१००० रुपये की मदद\t\t५० हजार नगर विकास में पंजीकृत तथा असंगठित मजदूर\t८५ हजार वृद्धा पेंशन\t\t\t\t\t\t१.४५ लाख निराश्रित महिला पेंशन\t\t\t\t७५ हजार दिव्यांग पेंशन\t\t\t\t\t\t२४६७५ किसान सम्मान निधि\t\t\t\t\t४.५० लाख\t ००० माइक्रो एटीएम, बैंक प्रतिनिधियों की ली जाएगी मदद ० विभिन्न योजनाओं के तहत एक साथ करीब १८ लाख लोगों के खाते में पैसा पहुंचने से बैंक शाखाओं पर दबाव बढ़ गया है।
4 of 4
बढ़ेगी तनख्वाह
- फोटो : Getty
पैसा निकालने के लिए कई शाखाओं में खाताधारकों की लंबी कतार लग रही है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। इसलिए माइक्रो एटीएम और बैंक करेस्पांडेंट (बीसी) को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत डाकिए माइक्रो एटीएम के साथ ज्यादातर गांवों में जाएंगे। जिनके मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक हैं वे लाभार्थी माइक्रो एटीएम की मदद से अपनी राशि निकाल सकेंगे। इसके अलावा १०० बैंक प्रतिनिधियों की मदद ली जा रही है। सीधे उनके माध्यम से भुगतान किया जाएगा। इसके प्रति लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। ताकि, बैंकों में कम भीड़ जुटे।