कोर्ट : बेणीमाधव मंदिर दारागंज परिक्रमा मार्ग से समाधि हटाने का मामला, कोर्ट ने मांगी स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट
प्रयागराज दारागंज स्थित नगर देवता के नाम से विख्यात श्री बेणी माधव मंदिर के परिक्रमा मार्ग में महंत ओंकार गिरी की समाधि हटाने की मांग में दाखिल सिविल वाद पर सिविल जज प्रयागराज की अदालत ने अमीन भेजकर स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट मांगी है।
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प्रयागराज दारागंज स्थित नगर देवता के नाम से विख्यात श्री बेणी माधव मंदिर के परिक्रमा मार्ग में महंत ओंकार गिरी की समाधि हटाने की मांग में दाखिल सिविल वाद पर सिविल जज प्रयागराज की अदालत ने अमीन भेजकर स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने कहा है कि अमीन उभय पक्षों को सूचित कर नियत तिथि 7जुलाई23 से पहले विवादित स्थल का निरीक्षण करें,नजरी नक्शा तैयार करें,तथा मौके के साक्ष्य व कब्जे की स्थित आख्या पेश करें।वाद की अगली सुनवाई 7जुलाई को होगी।
दारागंज निवासी अधिवक्ता रामचंद्र शर्मा ने मंदिर परिसर में भू समाधि के खिलाफ सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।इनका कहना है कि श्री बेणी माधव मंदिर पौराणिक मंदिर है। यह आराजी संख्या 113 मौजा मुस्तफाबाद,मुंसफा उपरहार वर्तमान भवन संख्या 309दारागंज ,तहसील सदर प्रयागराज में स्थित है।जिसका पुनर्निर्माण तत्कालीन भू स्वामी कार्तिकेय पांडेय ने कराया था।
मंदिर के सामने धर्मशाला व शिवमन्दिर का भी निर्माण कराया था और महा निर्वाणी अखाड़ा को सौंप दिया। धर्मशाला व शिवमन्दिर भवन संख्या 703दारागंज है। जिसमें पुलिस चौकी स्थापित की गई है। वर्तमान यह मंदिर प्रयाग के 12माधवों में प्रमुख हैं। मान्यता है कि त्रिवेणी स्नान का पूर्ण फल बिना माधव दर्शन के नहीं प्राप्त होता। शर्मा का कहना है कि मंदिर में पूर्व महंत की कोरोना काल में विरोध के बावजूद समाधि बना ली गई है। जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई गई है।
वादी ने अदालत से अमीन भेजकर आरोप का सत्यापन कराने तथा परिक्रमा मार्ग से भू समाधि हटाई जाय।क्यों कि वर्तमान महंत विभा तिवारी व मंदिर प्रशासक कमेटी मंदिर का प्रबंधन कर रही है।महंत द्वारा अपने पिता पूर्व महंत ओंकार गिरी को मंदिर में समाधिस्थ कर श्रद्धालुओं की भावना को ठेस पहुंचाया है। अदालत ने सिविल वाद में अमीन नियुक्त कर स्थलीय निरीक्षण की वादी की अर्जी 13ग स्वीकार कर ली ।और अमीन को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।