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सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का मामला : पीड़िता को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश
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प्रयागराज। घोसी के सांसद अतुल राय के खिलाफ चल रहे दुष्कर्म के मामले में सोमवार को स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने वाराणसी पुलिस को पीड़िता को सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सोमवार को इस मामले में पीड़िता का बयान दर्ज किया जाना था। इससे पूर्व ही बचाव पक्ष की ओर से हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर कहा गया कि प्रकरण से संबंधित सीडी की प्रति उनको उपलब्ध कराई जाए तभी आगे की कार्यवाही हो। कोर्ट ने कहा है कि पत्रावली पर उपलब्ध सीडी टूटी हालत में है। इसलिए जब सीडी का प्रयोग साक्ष्य के लिए अभियुक्त के खिलाफ किया जाएगा तब सीडी अभियुक्त को उपलब्ध कराई जाएगी।
कोर्ट ने बचाव पक्ष को आदेश दिया है कि हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश की प्रति तीन दिन के अन्दर कोर्ट में दाखिल की जाए। पीड़िता की ओर से उसे सुरक्षा दिए जाने की अर्जी दी गई जिस पर कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर ली और उसकी सुरक्षा के लिए एसएसपी प्रयागराज और वाराणसी को निर्देश दिया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डा. बालमुकुन्द ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता, पीड़िता के अधिवक्ता प्रमोद सिंह नीरज, एडीजीसी राजेश गुप्ता,एसपीओ श्यामधर द्विवेदी और विशेष अधिवक्ता गोपाल सिंह को सुनकर दिया है।
घटना सात मार्च 2018 की वाराणसी के लंका थाने की है। सांसद अतुल राय पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी से मिलवाने केबहाने से पीड़िता को अपने घर बुलाकर दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो बनाया और सार्वजनिक कर देने की धमकी देते हुए ब्लैक मेल किया था। स्पेशल कोर्ट ने पांच दिसंबर को अतुल राय की आरोप से उन्मोचित किए जाने की अर्जी खारिज कर आरोप तय कर दिया था।
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सोमवार को पीड़िता कोर्ट में बयान देने के लिए पेश हुई। नैनी जेल से सांसद अतुल राय को कोर्ट में पेश किया गया। बचाव पक्ष की ओर से अर्जी देकर कहा गया कि पत्रावली में दाखिल सीडी की प्रति उन्हें दी जाए और तब तक कोर्ट की कार्यवाही स्थगित की जाए। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि इस संबंध में हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर को आदेश पारित किया है। अर्जी पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने कहा कि पत्रावली पर उपलब्ध सीडी टूटी अवस्था में है। अभियोेजन जब अभियुक्त के खिलाफ सीडी का प्रयोग साक्ष्य के लिए करेगा तब उसे सीडी की प्रति दी जाएगी। कोर्ट ने बचाव पक्ष को तीन दिन के अंदर हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश की प्रति दाखिल करने का आदेश दिया है।
पीड़िता की सुरक्षा के लिए कोर्ट ने दिया एसएसपी को निर्देश
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट में पीड़िता की ओर से अर्जी देकर कहा गया है कि उसे जान का खतरा है। उसे सुरक्षा प्रदान की जाए। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता प्रमोद सिंह नीरज ने पक्ष रखा। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पीड़िता की अर्जी मंजूर कर ली और एसएसपी वाराणसी और प्रयागराज को पीड़िता की सुरक्षा का निर्देश दिया है। अभियोजन की ओर से दी गई अर्जी पर कोर्ट ने आदेश दिया है कि पीड़िता द्वारा दिए गए बयान धारा 164 सीआरपीसी की मूल प्रति संबंधित कोर्ट से नियत तारीख 23 दिसंबर के पूर्व प्रस्तुत की जाए।
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कोर्ट ने बचाव पक्ष को आदेश दिया है कि हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश की प्रति तीन दिन के अन्दर कोर्ट में दाखिल की जाए। पीड़िता की ओर से उसे सुरक्षा दिए जाने की अर्जी दी गई जिस पर कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर ली और उसकी सुरक्षा के लिए एसएसपी प्रयागराज और वाराणसी को निर्देश दिया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डा. बालमुकुन्द ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता, पीड़िता के अधिवक्ता प्रमोद सिंह नीरज, एडीजीसी राजेश गुप्ता,एसपीओ श्यामधर द्विवेदी और विशेष अधिवक्ता गोपाल सिंह को सुनकर दिया है।
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घटना सात मार्च 2018 की वाराणसी के लंका थाने की है। सांसद अतुल राय पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी से मिलवाने केबहाने से पीड़िता को अपने घर बुलाकर दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो बनाया और सार्वजनिक कर देने की धमकी देते हुए ब्लैक मेल किया था। स्पेशल कोर्ट ने पांच दिसंबर को अतुल राय की आरोप से उन्मोचित किए जाने की अर्जी खारिज कर आरोप तय कर दिया था।
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सोमवार को पीड़िता कोर्ट में बयान देने के लिए पेश हुई। नैनी जेल से सांसद अतुल राय को कोर्ट में पेश किया गया। बचाव पक्ष की ओर से अर्जी देकर कहा गया कि पत्रावली में दाखिल सीडी की प्रति उन्हें दी जाए और तब तक कोर्ट की कार्यवाही स्थगित की जाए। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि इस संबंध में हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर को आदेश पारित किया है। अर्जी पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने कहा कि पत्रावली पर उपलब्ध सीडी टूटी अवस्था में है। अभियोेजन जब अभियुक्त के खिलाफ सीडी का प्रयोग साक्ष्य के लिए करेगा तब उसे सीडी की प्रति दी जाएगी। कोर्ट ने बचाव पक्ष को तीन दिन के अंदर हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश की प्रति दाखिल करने का आदेश दिया है।
पीड़िता की सुरक्षा के लिए कोर्ट ने दिया एसएसपी को निर्देश
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट में पीड़िता की ओर से अर्जी देकर कहा गया है कि उसे जान का खतरा है। उसे सुरक्षा प्रदान की जाए। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता प्रमोद सिंह नीरज ने पक्ष रखा। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पीड़िता की अर्जी मंजूर कर ली और एसएसपी वाराणसी और प्रयागराज को पीड़िता की सुरक्षा का निर्देश दिया है। अभियोजन की ओर से दी गई अर्जी पर कोर्ट ने आदेश दिया है कि पीड़िता द्वारा दिए गए बयान धारा 164 सीआरपीसी की मूल प्रति संबंधित कोर्ट से नियत तारीख 23 दिसंबर के पूर्व प्रस्तुत की जाए।