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गृह मंत्रालय पहुंचा सीबीआई जांच में देरी का मामला

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2020 04:45 PM IST
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Case of delay in CBI investigation reached Home Ministry
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गृह मंत्रालय पहुंचा सीबीआई जांच में देरी का मामला 0 एमएलसी ने की शिकायत, मंत्रालय ने डीओपीटी को भेजा पत्र 0 ढाई साल में केवल एक एफआईआर, किसी पर कार्रवाई नहीं 0 अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची यूपीपीएससी परीक्षाओं की जांच
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की सीबीआई जांच शुरू हुए ढाई साल पूरे हो चुके हैं लेकिन अब तक सीबीआई की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सीबीआई जांच में देरी के मामले में एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई है और अब मंत्रालय की ओर से जवाब दिया गया है कि यह मामला केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से संबंधित है, सो डीओपीटी को पत्र भेजकर कहा गया है कि अब तक हुई कार्रवाई से एमएलसी को अवगत कराया जाए। ढाई साल में सीबीआई ने केवल पीसीएस-२०१५ में गड़बड़ी पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया है और वह भी आयोग के अज्ञात अफसरों और बाहरी अज्ञात लोगों के खिलाफ है। इसके अलावा सीबीआई को एपीएस-२०१० की भर्ती में धांधली के सुराग मिले थे, जिसके आधार पर इस भर्ती की जांच के लिए सीबीआई ने सरकार से विशेष अनुमति ली थी। दोनों ही मामलों में सीबीआई ने अब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है, जबकि आयोग के तमाम वर्तमान एवं पूर्व अफसरों के साथ इन परीक्षाओं के चयनित अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है। साथ ही परीक्षाओं से संबंधित सभी दस्तावेज खंगाले जा चुके हैं। सीबीआई जांच में देरी के मामले में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है। कोर्ट ने सीबीआई से जवाब मांगा है। लॉक डाउन से पहले सीबीआई जांच में अचानक तेजी आई थी और आयोग के एक पूर्व सचिव से कई दिनों तक सीबीआई ने पूछताछ भी की थी लेकिन लॉक डाउन घोषित होते ही सीबीआई जांच फिर धीमी हो गई है। इस मामले में पिछले दिनों एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी और पूछा था कि पीसीएस एवं एपीसीएस-२०१० परीक्षा के मामले में सीबीआई जांच कहां तक पहुंची। जवाब में मंत्रालय की ओर से पत्र जारी कर कहा गया है कि यह पूरा मामला डीओपीटी से संबंधित है, इसलिए डीओपीटी को पत्र भेजकर कहा गया है कि वह इस मामले को गंभीरता से देखे और अब तक हुई कार्रवाई के बारे में एमएलसी को अवगत कराए।
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