एसआरएन में मारपीट का मामला : पिता बोले- बेटे का कॅरियर खराब न हो, इसलिए कुछ नहीं करना
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में मिर्जापुर से पत्नी पुष्पा मिश्रा का ऑपरेशन कराने आए राजेंद्र मिश्रा पुत्र श्रीनाथ मिश्रा ने बृहस्पतिवार को हुई घटना के बारे में जानकारी दी। कहा, डॉक्टरों की ओर से तारीख मिलने के बाद वह पत्नी का ऑपरेशन कराने के लिए आए थे।
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एसआरएन अस्पताल में बृहस्पतिवार को जूनियर डॉक्टरों की ओर से एक मरीज के परिजनों की हुई पिटाई के बाद पहली बार पीड़ित पक्ष ने भी अपनी आप-बीती सामने रखी। हालांकि मरीज पुष्पा मिश्रा के पति राजेंद्र मिश्रा ने अपनी ओर से जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं करने की बात कही। कहा, विवाद बढ़ा तो उनके बेटे के खिलाफ भी जूनियर डॉक्टर मुकदमा करा देंगे। इसमें उनके बेटे का कॅरियर खराब हो सकता है। वह सेना में जाना चाहता है।
जूनियर डॉक्टरों ने कर दी थी तीमारदारों की पिटाई
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में मिर्जापुर से पत्नी पुष्पा मिश्रा का ऑपरेशन कराने आए राजेंद्र मिश्रा पुत्र श्रीनाथ मिश्रा ने बृहस्पतिवार को हुई घटना के बारे में जानकारी दी। कहा, डॉक्टरों की ओर से तारीख मिलने के बाद वह पत्नी का ऑपरेशन कराने के लिए आए थे। दो ऑपरेशन होने थे और उस दिन की सूची में उनका दूसरा नम्बर था। लेकिन, तीसरे नंबर के मरीज का ऑपरेशन कर दिया गया और उनको बाद में आने के लिए कहा गया। पत्नी की हालत लगातार खराब हो रही थी। ब्लीडिंग होने से उनकी पत्नी का हीमोग्लोबिन भी 8.3 हो गया था।
कई थानों की पहुंची थी पुलिस
उन्होंने डॉक्टरों की शिकायत की बात कहते हुए भर्ती के कागजात मांगे तो विवाद शुरू हो गया। जब उनके बेटे ने ऑपरेशन थियेटर में मोबाइल से फोटो खींचनी शुरू की तो एक नर्स ने उसका मोबाइल छीन लिया और हाथ पकड़ कर अंदर ले जाने लगी। इसका विरोध करना उनके और उनके बेटे के लिए भारी पड़ गया। जूनियर डॉक्टरों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी और पिटाई करते हुए ही उसे बाहर ले आए।
जब वह किसी तरह बेटे को छुड़ाकर वहां से निकलने का प्रयास करने लगे तो जूनियर डॉक्टरों ने फिर घसीट कर उनके बेटे की पिटाई शुरू कर दी। घटना में उनके बेटे के सिर में भी काफी चोट आयी। पुलिसकर्मियों के सामने यह सब होता रहा, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। कई थाने की पुलिस आने के बाद ही किसी तरह उन्हें वहां से निकाला गया।
घटना के बाद पुलिस ने एफआईआर कराने के लिए कहा था, लेकिन बेटे के कॅरियर को सोच कर कुछ नहीं किया और मिर्जापुर लौट गए। राजेंद्र मिश्रा ने कहा, अब परिवार की चिंता है। बेटा सेना में जाने की तैयारी कर रहा है, अगर जूनियर डॉक्टरों की ओर से कोई एफआईआर कराई गई तो बेटे का कॅरियर खत्म हो जाएगा। इसलिए मैंने कहीं कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई।
मिर्जापुर में ही करा रहे हैं पत्नी का इलाज
एसआरएन से निकलने के बाद राजेंद्र मिश्रा ने पत्नी पुष्पा मिश्रा को मिर्जापुर के ही एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनकी पत्नी का बच्चेदानी और पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन होना है। दो दिन बाद एक ऑपरेशन होगा जबकि डॉक्टरों ने एक महीने बाद दूसरे ऑपरेशन के लिए कहा है। एसआरएन में ऑपरेशन के लिए बाहर से दवा भी खरीदी थी जो मारपीट के दौरान गायब हो गई।