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पेट्रोल पंप के नजदीक दूसरा पंप खोलने का नहीं कर सकते विरोध : हाईकोर्ट
Fri, 06 Nov 2020 09:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 06 Nov 2020 09:28 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पहले से स्थापित पेट्रोल पंप के संचालक को उसके नजदीक दूसरा पेट्रोल पंप लगाए जाने का विरोध करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी याचिका सिर्फ अपने व्यावसायिक हित और मोनोपोली कायम रखने के उद्देश्य से दाखिल की गई है। कुशीनगर की रिंकी गुप्ता की याचिका खारिज करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी और न्यायमूर्ति डा. वाई के श्रीवास्तव की पीठ ने दिया है।
याची का कहना था कि कुशीनगर के हाता में बोधवार गांव में उसका पेट्रोल पंप है। उसके नजदीक ही भारत पेट्रोलियम का दूसरा पंप खोला जा रहा है जो कि अनुचित है। नजदीक में दूसरा पेट्रोल पंप खोलने से रोका जाए। याचिका का विरोध करते विपक्षी अधिवक्ता का कहना था कि याची नहीं चाहता है कि दूसरा कोई उसके नजदीक व्यवसाय करे।
याचिका पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने नागर राइस एंड फ्लोर मिल बनाम एनटी गौड़ा और जस भाई मोती भाई देसाई बनाम रोशन कुमार केस में सुप्रीमकोर्ट द्वारा दिए निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि याची को इस प्रकार की याचिका दाखिल कर किसी अन्य व्यक्ति को व्यवसाय करने से रोकने का विधिक अधिकार नहीं है। याची उस क्षेत्र में सिर्फ अपना व्यवसायिक एकाधिकार कायम रखने के लिए ऐसा चाह रहा है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
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याची का कहना था कि कुशीनगर के हाता में बोधवार गांव में उसका पेट्रोल पंप है। उसके नजदीक ही भारत पेट्रोलियम का दूसरा पंप खोला जा रहा है जो कि अनुचित है। नजदीक में दूसरा पेट्रोल पंप खोलने से रोका जाए। याचिका का विरोध करते विपक्षी अधिवक्ता का कहना था कि याची नहीं चाहता है कि दूसरा कोई उसके नजदीक व्यवसाय करे।
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याचिका पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने नागर राइस एंड फ्लोर मिल बनाम एनटी गौड़ा और जस भाई मोती भाई देसाई बनाम रोशन कुमार केस में सुप्रीमकोर्ट द्वारा दिए निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि याची को इस प्रकार की याचिका दाखिल कर किसी अन्य व्यक्ति को व्यवसाय करने से रोकने का विधिक अधिकार नहीं है। याची उस क्षेत्र में सिर्फ अपना व्यवसायिक एकाधिकार कायम रखने के लिए ऐसा चाह रहा है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
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