UP Board : बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों को नहीं उतारने होंगे जूते-मोजे, मीडिया को ब्रीफिंग पर भी लगी रोक
यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने की व्यवस्था के अन्तर्गत परीक्षा से पूर्व ही परीक्षार्थियों की तलाशी के दौरान जूता मोजा उतरवा लिया जाता था। इसके बाद पूरे समय परीक्षार्थी नंगे पैर परीक्षा कक्ष में परीक्षा देते थे। फरवरी में अक्सर हल्की ठंड होने के कारण परीक्षार्थियों को काफी समस्या होती थी।
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यूपी बोर्ड परीक्षा देने जा रहे परीक्षार्थियों को बड़ी राहत शासन की तरफ से दी गई है। बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को पहले की तरह जूता -मोजा नहीं उतारना होगा। इस संबंध में शासन की तरफ से यूपी बोर्ड सचिव समेत सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश जारी कर दिया गया है। इस आदेश के बाद परीक्षार्थियों को जूता मोजा उतर परीक्षा देते समय होने वाली समस्या से राहत मिलेगी।
यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने की व्यवस्था के अन्तर्गत परीक्षा से पूर्व ही परीक्षार्थियों की तलाशी के दौरान जूता मोजा उतरवा लिया जाता था। इसके बाद पूरे समय परीक्षार्थी नंगे पैर परीक्षा कक्ष में परीक्षा देते थे। फरवरी में अक्सर हल्की ठंड होने के कारण परीक्षार्थियों को काफी समस्या होती थी, लेकिन शासन के आदेश के बाद परीक्षार्थियों को इस समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके साथ ही शासन की तरफ से निर्देश जारी किया गया है कि परीक्षा के दौरान गलत विषय, तिथि एवं पाली का प्रश्नपत्र नहीं खोल सकते हैं।
साथ ही परीक्षा के विषय में प्रेस अथवा मीडियों को किसी भी प्रकार की ब्रीफिंग करने पर भी रोक लगाई गई है। परीक्षा केंद्र पर बालिका परीक्षार्थियों की तलाशी सिर्फ महिला अध्यापिकाओं द्वारा ही किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और वॉयस रिकार्डिंग की प्रभावी रूप से प्रतिदिन जांच करने का निर्देश दिया गया है। अगर दोनों सही ढंग से कार्य नहीं करते हैं, तो तत्काल केंद्र व्यवस्थापक को उसे ठीक कराने का निर्देश देने की जिम्मेदारी स्टैटिक मजिस्ट्रेट पर रहेगी। केंद्रों पर ड्यूटी करने वाले कक्ष निरीक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों के परिचय पत्र की भी जांच की जाएगी।
स्ट्रॉग रूम के डबल लॉकर में प्रवेश का रखना होगा रिकार्ड
बोर्ड परीक्षा के दौरान स्ट्रॉग रूम की सुरक्षा को लेकर भी प्रमुख सचिव दीपक कुमार की तरफ से गाइड लाइन जारी कर दी गई है। बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र का बंडल निकालने और बचे प्रश्नपत्र को वापस रखने आदि कार्यों में कई बार उसे खोलना पड़ता है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर बने स्ट्रॉग रूम और उसके डबल लॉकर की सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता प्रभावित होने की आशंका होती है। इसी को देखते हुए शासन की तरफ से नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें परीक्षा केंद्रों पर बने स्ट्रॉग रूम में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के साथ ही कितनी बार प्रवेश किया गया है। उसका भी रिकार्ड एक रजिस्टर में दर्ज करना होगा। इसके साथ ही उसे खोलने का कारण भी दर्ज करना होगा।