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UP: प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग पर अड़े अभ्यर्थी, छह जून को महाआंदोलन की घोषणा; आयोग से वार्ता नहीं
Tue, 03 Jun 2025 02:57 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 03 Jun 2025 02:57 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर महाधरने में हजारों छात्र जुटे हुए हैं। आयोग से वार्ता नहीं हुई है। आयोग के आसपास जाम जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं भीड़ में अध्यक्ष का वाहन फंस गया।
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शिक्षा सेवा चयन आयोग पर महाधरना
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर सोमवार को महाधरने में दो हजार से अधिक छात्र जुटे। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद भर्ती के लिए छात्र पूरे जोश से नारेबाजी करते रहे। छात्रों ने छह जून को महाआंदोलन की घोषणा की है।
आयोग के सामने सुबह 10 बजे से ही हजारों छात्र इकट्ठा हो गए। धरने के छठवें दिन भी प्राथमिक शिक्षक के 1.26 लाख पदों पर भर्ती के लिए छात्र अड़े रहे, हालांकि छात्रों और आयोग के बीच कोई वार्ता नहीं हुई।
शाम को जब आयोग की अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय बाहर निकलीं तो उनका वाहन छात्रों की भीड़ में फंस गया। उन्होंने छात्रों से कहा, भर्ती के लिए प्रयास चल रहे हैं और शासन इस दिशा में काम कर रहा है।
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उधर, धरने को संबोधित करते हुए डीएलएड प्रशिक्षित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह ने कहा, धरने के पहले दिन हुई वार्ता में आयोग के प्रतिनिधि ने 10 दिन का समय मांगा था और कहा था कि सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
छात्र अब 10 दिन मियाद पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। छह जून को यह मियाद पूरी हो जाएगी और उस दिन महाआंदोलन किया जाएगा।छात्र नेता विशु यादव और विनोद पटेल ने कहा, शासन या आयोग स्तर से भर्ती को लेकर जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक आयोग के सामने धरना जारी रहेगा। महाधरना में ज्योति पांडेय, निशा सिंह, अंजलि, रोहित तिवारी, विपुल यादव, नीरज सिंह, राहुल वर्मा, मुकेश यादव, यश चौधरी, प्रमोद मौर्या, नीतीश कुमार, दीपक आदि शामिल रहे।
छात्रों का सवाल, कब तक करेंगे इंतजार
महाधरने में शामिल नीरज सिंह, रोहित तिवारी, अवनीश, शमशेर, जयसिंह, अर्चना पटेल, गुड़िया, निधि, वंदना समेत तमाम प्रतियोगी छात्रों ने सवाल उठाए कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए आखिर कब तक इंतजार करेंगे। इससे पहले 2018 में 69 हजार पदों के लिए भर्ती आई थी। सात साल में तकरीबन 16 लाख डीएलएड अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक भर्ती के दावेदार के रूप में तैयार हो गए हैं। बेसिक शिक्षा निदेशालय, शासन और आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भर्ती में देर क्यों हो रही है।
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आयोग के सामने सुबह 10 बजे से ही हजारों छात्र इकट्ठा हो गए। धरने के छठवें दिन भी प्राथमिक शिक्षक के 1.26 लाख पदों पर भर्ती के लिए छात्र अड़े रहे, हालांकि छात्रों और आयोग के बीच कोई वार्ता नहीं हुई।
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शाम को जब आयोग की अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय बाहर निकलीं तो उनका वाहन छात्रों की भीड़ में फंस गया। उन्होंने छात्रों से कहा, भर्ती के लिए प्रयास चल रहे हैं और शासन इस दिशा में काम कर रहा है।
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उधर, धरने को संबोधित करते हुए डीएलएड प्रशिक्षित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह ने कहा, धरने के पहले दिन हुई वार्ता में आयोग के प्रतिनिधि ने 10 दिन का समय मांगा था और कहा था कि सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
छात्र अब 10 दिन मियाद पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। छह जून को यह मियाद पूरी हो जाएगी और उस दिन महाआंदोलन किया जाएगा।छात्र नेता विशु यादव और विनोद पटेल ने कहा, शासन या आयोग स्तर से भर्ती को लेकर जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक आयोग के सामने धरना जारी रहेगा। महाधरना में ज्योति पांडेय, निशा सिंह, अंजलि, रोहित तिवारी, विपुल यादव, नीरज सिंह, राहुल वर्मा, मुकेश यादव, यश चौधरी, प्रमोद मौर्या, नीतीश कुमार, दीपक आदि शामिल रहे।
छात्रों का सवाल, कब तक करेंगे इंतजार
महाधरने में शामिल नीरज सिंह, रोहित तिवारी, अवनीश, शमशेर, जयसिंह, अर्चना पटेल, गुड़िया, निधि, वंदना समेत तमाम प्रतियोगी छात्रों ने सवाल उठाए कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए आखिर कब तक इंतजार करेंगे। इससे पहले 2018 में 69 हजार पदों के लिए भर्ती आई थी। सात साल में तकरीबन 16 लाख डीएलएड अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक भर्ती के दावेदार के रूप में तैयार हो गए हैं। बेसिक शिक्षा निदेशालय, शासन और आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भर्ती में देर क्यों हो रही है।