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हाईकोर्ट : असंज्ञेय अपराधों में सही नहीं है पासपोर्ट आवेदन निरस्त करना

Mon, 19 Dec 2022 10:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 19 Dec 2022 10:31 PM IST
सार

यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत सिंह की खंडपीठ ने आजमगढ़ के बासु यादव की याचिका स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह देखने को मिल रहा है कि कई असंज्ञेय अपराधों, जिसमें संबंधित मजिस्ट्रेट ने जांच का आदेश नहीं दिया।

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Cancellation of passport application is not correct in non-cognizable offenses
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने असंज्ञेय अपराध में एनसीआर दर्ज होने के आधार पर पासपोर्ट आवेदन निरस्त करने को सही नहीं माना है। कोर्ट ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ को निदेर्शित किया है कि वह आजमगढ़ के याची के आवेदन पर विचार करते हुए दो सप्ताह में पासपोर्ट जारी करने पर विचार करे। कोर्ट ने मामले में उत्तर प्रदेश केपुलिस महानिदेशक को भी निर्देशित किया है कि वह अपने अधिकारियों को निर्देशित करें कि असंज्ञेय मामलों के लंबित होने की दशा में युक्तिसंगत  विचार करने के बाद ही रिपोर्ट भेजें। 

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यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत सिंह की खंडपीठ ने आजमगढ़ के बासु यादव की याचिका स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह देखने को मिल रहा है कि कई असंज्ञेय अपराधों, जिसमें संबंधित मजिस्ट्रेट ने जांच का आदेश नहीं दिया। उसे पासपोर्ट जारी करने से इन्कार कर दिया। मौजूदा मामले में भी मजिस्ट्रेट ने दर्ज दो एनसीआर का संज्ञेय नहीं लिया और जांच का कोई आदेश नहीं दिया है। इसके बावजूद याची की पासपोर्ट अर्जी निरस्त कर दी गई।

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मामले में याची ने सेवा केंद्र के जरिये वाराणसी स्थित पासपोर्ट कार्यालय में पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था लेकिन पासपोर्ट कार्यालय ने याची के खिलाफ दो एनसीआर दर्ज होने की वजह से पासपोर्ट जारी करने से मना कर दिया। याची ने इसके लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए विदेश मंत्रालय की 25 अगस्त 1993 को जारी गाइडलाइन के मुताबिक पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा, याची के मामले में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के दो सप्ताह के भीतर पासपोर्ट जारी करने पर विचार कर निर्णय लिया जाय।

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