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फोन कर आरोपी ने बताया, गलती से चल गई गोली
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By phone, the accused said, the accidental shot
- फोटो : SURAON
आक्रोशित परिजनों ने तीन घंटे नहीं उठने दिया शव
मुआवजे-शस्त्र लाइसेंस की मांग, इंस्पेक्टर से नोकझोंक
एसडीएम के आश्वासन के बाद मर्चरी भेजा गया शव
अमर उजाला ब्यूरो
सोरांव। कॉलेज कर्मचारी की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने तीन घंटे तक पुलिस को शव कब्जे में नहीं लेने दिया। इंस्पेक्टर ने सख्ती दिखाई तो परिजनों की उनसे तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में एसडीएम ने उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया तब जाकर वह शांत हुए। फिर एक बजे के करीब शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
हत्या की खबर पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव सीलकर मर्चरी भेजवाने के लिए पिकअप में रखवा दिया। हालांकि परिजनों ने पिकअप को आगे बढ़ने से रोक दिया। उनकी मांग थी कि शासन पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे के साथ ही शस्त्र लाइसेंस जारी करे। इसके साथ ही हत्यारे को अविलंब गिरफ्तार किया जाए, तभी शव उठने दिया जाएगा। पुलिसकर्मियों के समझाने पर भी वह नहीं माने। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोरंाव इंस्पेक्टर ने सख्ती दिखाई तो परिजनों के साथ स्थानीय लोगों से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। लोगों का आक्रोश देख इंस्पेक्टर पीछे हट गया। करीब 12.30 बजे एसडीएम सोरांव मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाया। साथ ही उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने व उचित मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया जिसके बाद लोग शांत हुए। तब जाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
शव सील करने के बाद पहुंची फोरेेंसिक टीम
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मौके परे फोरेंसिक टीम तब पहुंची जब पुलिस शव सील कर चुकी थी। बताया कि फोरेंसिक टीम करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची लेकिन तब तक पुलिस शव सील कर पिकअप पर रखवा चुकी थी। इसके बाद फोरेंसिक टीम के सदस्यों ने लाइब्रेरी स्थित घटनास्थल पर पहुंचकर नमूने लिए।
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मासूमों के सिर से छिन गया पिता का साया
योगेश की हत्या के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा रहा। परिवार में पत्नी रानी यादव के अलावा दो बच्चे हैं। इसमें बेटी नव्या दो साल जबकि बेटा प्रिंस अभी महज आठ महीने का है। मृतक के पिता का निधन हो चुका है जबकि उसके बड़े भाई बृजेश यादव एलआईसी जबकि छोटा भाई अवधेश लखीमपुर खीरी में एपीओ के पद पर तैनात हैं। पति की मौत की जानकारी पर पत्नी रानी रोते-रोते बेहोश होती जा रही थी। उधर मासूम नव्या भी मां व अन्य परिजनों को रोते देख बिलखने लगी।
सपा का सक्रिय कार्यकर्ता था मृतक
पुलिस ने बताया कि मृतक योगेश समाजवादी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता था। लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उसे फाफामऊ विधानसभा का बूथ अध्यक्ष भी बनाया था। हालांकि परिजनों ने किसी तरह के राजनीतिक विवाद की बात से इंकार किया। मृतक जिस कॉलेज में काम करता था वह उसके दूर के रिश्तेदार का है। उधर सोरांव के ही मोरहू गांव निवासी आरोपी भी कॉलेज मालिक का दूर का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
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फोन कर आरोपी ने बताया, गलती से चल गई गोली
सोरांव में कॉलेज कर्मचारी की हत्या का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सोरांव। कॉलेज के भीतर कर्मचारी की हत्या के मामले में मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली। पूछताछ के दौरान पता चला कि गायब हुए हत्यारोपी ने खुद फोन कर कॉलेज प्रबंधन को घटना की जानकारी दी। जिसमें उसने गलती से फायर होने व खुद के भी घायल होने की बात बताई।
हत्या की खबर मिलने के बाद सोरांव पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। मौके पर पहुंचे सीओ व एसपी गंगापार ने कॉलेज कर्मचारियों व प्रबंधन से पूछताछ शुरू की। इस दौरान पता चला कि कॉलेज से भागने के बाद आरोपी ने खुद प्रबंधन से जुड़े एक व्यक्ति को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना करीब 9.45 बजे के करीब हुई जबकि आरोपी ने कॉलेज प्रबंधन से जुड़े व्यक्ति के पास 9.57 बजे फोन किया। उसने बताया कि गोली गलती से चली। जिसमें वह भी घायल हुआ। गोली उसके हाथ में लगी। इसके बाद उसने अपना फोन बंद कर दिया। कॉलेज प्रबंधन से जुड़े व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान आरोपी बेहद हड़बड़ी में था। उधर यह जानकारी मिलने के बाद कि घटना में आरोपी खुद भी घायल हुआ है, पुलिस ने क्षेत्र स्थित कई अस्पतालों में भी दबिश दी। लेकिन देर रात तक आरोपी का कुछ पता नहीं चल सका था।
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महीने भर के भीतर पांचवीं हत्या, सोरांव में सनसनी
मतदान कर्मचारी की हत्या का नहीं हो सका है ख्ुालासा
लगातार हत्याओें से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सोरांव में बेखौफ बदमाशों ने आतंक मचा रखा है। हालात यह है कि यहां महीने भर के भीतर पांच लोगों की हत्या हो चुकी है। जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोकसभा चुनाव की मतगणना के दिन हुई मतदान कर्मी की हत्या का पुलिस अब तक ख्ुालासा नहीं कर सकी है।
सोरांव में बदमाश लगातार वारदातों को अंजाम देकर पुलिस के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं। पिछले एक महीने की बात करें तो यहां कुल पांच लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। इसमें तीन हत्या व एक दोहरे हत्याकांड की वारदात शामिल है। 12 मई को मतगणना ड्यूटी से लौट रहे सरायलहुरी गांव निवासी आशीष तिवारी उर्फ रिंकू की हत्या कर उनका सिर मिट्टी में दबा दिया गया था। सरायदीना गांव में हुई इस वारदात के मामले में अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई लेकिन अब तक पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है।
डबल मर्डर से फैल गई थी सनसनी
सात जून की रात सरायलाल खातून गांव में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर बदमाशों ने सनसनी फैला दी थी। छत पर सो रहे किसान नागेंद्रभूषण त्रिपाठी व उनकी पत्नी मनोरमा की ईंट व धारदार हथियार से हमलाकर बदमाश 50 हजार रुपये व आभूषण लूट ले गए थे। इस मामले के ख्ुालासे को अभी कुछ दिन ही बीते थे कि फाफामऊ में अधिवक्ता सुशील कुमार पटेल की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक दिन पहले ही इस मामले का खुलासा कर पुलिस ने राहत की सांस ली थी कि शनिवार को एक और हत्या से इलाके में दहशत फैल गई।
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मुआवजे-शस्त्र लाइसेंस की मांग, इंस्पेक्टर से नोकझोंक
एसडीएम के आश्वासन के बाद मर्चरी भेजा गया शव
अमर उजाला ब्यूरो
सोरांव। कॉलेज कर्मचारी की हत्या से आक्रोशित परिजनों ने तीन घंटे तक पुलिस को शव कब्जे में नहीं लेने दिया। इंस्पेक्टर ने सख्ती दिखाई तो परिजनों की उनसे तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में एसडीएम ने उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया तब जाकर वह शांत हुए। फिर एक बजे के करीब शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
हत्या की खबर पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव सीलकर मर्चरी भेजवाने के लिए पिकअप में रखवा दिया। हालांकि परिजनों ने पिकअप को आगे बढ़ने से रोक दिया। उनकी मांग थी कि शासन पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे के साथ ही शस्त्र लाइसेंस जारी करे। इसके साथ ही हत्यारे को अविलंब गिरफ्तार किया जाए, तभी शव उठने दिया जाएगा। पुलिसकर्मियों के समझाने पर भी वह नहीं माने। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोरंाव इंस्पेक्टर ने सख्ती दिखाई तो परिजनों के साथ स्थानीय लोगों से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। लोगों का आक्रोश देख इंस्पेक्टर पीछे हट गया। करीब 12.30 बजे एसडीएम सोरांव मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाया। साथ ही उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने व उचित मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया जिसके बाद लोग शांत हुए। तब जाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मौके परे फोरेंसिक टीम तब पहुंची जब पुलिस शव सील कर चुकी थी। बताया कि फोरेंसिक टीम करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची लेकिन तब तक पुलिस शव सील कर पिकअप पर रखवा चुकी थी। इसके बाद फोरेंसिक टीम के सदस्यों ने लाइब्रेरी स्थित घटनास्थल पर पहुंचकर नमूने लिए।
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मासूमों के सिर से छिन गया पिता का साया
योगेश की हत्या के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा रहा। परिवार में पत्नी रानी यादव के अलावा दो बच्चे हैं। इसमें बेटी नव्या दो साल जबकि बेटा प्रिंस अभी महज आठ महीने का है। मृतक के पिता का निधन हो चुका है जबकि उसके बड़े भाई बृजेश यादव एलआईसी जबकि छोटा भाई अवधेश लखीमपुर खीरी में एपीओ के पद पर तैनात हैं। पति की मौत की जानकारी पर पत्नी रानी रोते-रोते बेहोश होती जा रही थी। उधर मासूम नव्या भी मां व अन्य परिजनों को रोते देख बिलखने लगी।
सपा का सक्रिय कार्यकर्ता था मृतक
पुलिस ने बताया कि मृतक योगेश समाजवादी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता था। लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उसे फाफामऊ विधानसभा का बूथ अध्यक्ष भी बनाया था। हालांकि परिजनों ने किसी तरह के राजनीतिक विवाद की बात से इंकार किया। मृतक जिस कॉलेज में काम करता था वह उसके दूर के रिश्तेदार का है। उधर सोरांव के ही मोरहू गांव निवासी आरोपी भी कॉलेज मालिक का दूर का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
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फोन कर आरोपी ने बताया, गलती से चल गई गोली
सोरांव में कॉलेज कर्मचारी की हत्या का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सोरांव। कॉलेज के भीतर कर्मचारी की हत्या के मामले में मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली। पूछताछ के दौरान पता चला कि गायब हुए हत्यारोपी ने खुद फोन कर कॉलेज प्रबंधन को घटना की जानकारी दी। जिसमें उसने गलती से फायर होने व खुद के भी घायल होने की बात बताई।
हत्या की खबर मिलने के बाद सोरांव पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। मौके पर पहुंचे सीओ व एसपी गंगापार ने कॉलेज कर्मचारियों व प्रबंधन से पूछताछ शुरू की। इस दौरान पता चला कि कॉलेज से भागने के बाद आरोपी ने खुद प्रबंधन से जुड़े एक व्यक्ति को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना करीब 9.45 बजे के करीब हुई जबकि आरोपी ने कॉलेज प्रबंधन से जुड़े व्यक्ति के पास 9.57 बजे फोन किया। उसने बताया कि गोली गलती से चली। जिसमें वह भी घायल हुआ। गोली उसके हाथ में लगी। इसके बाद उसने अपना फोन बंद कर दिया। कॉलेज प्रबंधन से जुड़े व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान आरोपी बेहद हड़बड़ी में था। उधर यह जानकारी मिलने के बाद कि घटना में आरोपी खुद भी घायल हुआ है, पुलिस ने क्षेत्र स्थित कई अस्पतालों में भी दबिश दी। लेकिन देर रात तक आरोपी का कुछ पता नहीं चल सका था।
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महीने भर के भीतर पांचवीं हत्या, सोरांव में सनसनी
मतदान कर्मचारी की हत्या का नहीं हो सका है ख्ुालासा
लगातार हत्याओें से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सोरांव में बेखौफ बदमाशों ने आतंक मचा रखा है। हालात यह है कि यहां महीने भर के भीतर पांच लोगों की हत्या हो चुकी है। जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोकसभा चुनाव की मतगणना के दिन हुई मतदान कर्मी की हत्या का पुलिस अब तक ख्ुालासा नहीं कर सकी है।
सोरांव में बदमाश लगातार वारदातों को अंजाम देकर पुलिस के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं। पिछले एक महीने की बात करें तो यहां कुल पांच लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। इसमें तीन हत्या व एक दोहरे हत्याकांड की वारदात शामिल है। 12 मई को मतगणना ड्यूटी से लौट रहे सरायलहुरी गांव निवासी आशीष तिवारी उर्फ रिंकू की हत्या कर उनका सिर मिट्टी में दबा दिया गया था। सरायदीना गांव में हुई इस वारदात के मामले में अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई लेकिन अब तक पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है।
डबल मर्डर से फैल गई थी सनसनी
सात जून की रात सरायलाल खातून गांव में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर बदमाशों ने सनसनी फैला दी थी। छत पर सो रहे किसान नागेंद्रभूषण त्रिपाठी व उनकी पत्नी मनोरमा की ईंट व धारदार हथियार से हमलाकर बदमाश 50 हजार रुपये व आभूषण लूट ले गए थे। इस मामले के ख्ुालासे को अभी कुछ दिन ही बीते थे कि फाफामऊ में अधिवक्ता सुशील कुमार पटेल की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक दिन पहले ही इस मामले का खुलासा कर पुलिस ने राहत की सांस ली थी कि शनिवार को एक और हत्या से इलाके में दहशत फैल गई।