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ई-कामर्स कंपनियों को छूट देने पर भड़के प्रयागराज के व्यापारी, बोले सरकार के निर्णय से बर्बाद हो जाएगा व्यवसाय

Sat, 18 Apr 2020 12:56 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 18 Apr 2020 12:56 AM IST
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Businessmen of Prayagraj, furious over giving exemption to e-commerce companies
prayagraj news - फोटो : prayagraj
सरकार द्वारा ई-कामर्स कंपनियों को 20 अप्रैल से कारोबार करने की छूट देने की बात का स्थानीय खुदरा व्यापारियों ने विरोध जताया है। शहर के तमाम व्यापारिक संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन कंपनियों को छूट देना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। सरकार जब ई-कामर्स कंपनियों को छूट दे सकती है तो कुछ नियम शर्त के आधार पर टीवी, फ्रिज, एसी आदि का कारोबार करने वालों को भी छूट दी जाए। 
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गर्मी के सीजन की वजह से शहर के तमाम कारोबारियों ने खासतौर से इलेक्ट्रानिक्स आइटम बेचने वालों ने होली के पहले ही अपने शोरूम में फ्रिज, एसी आदि का भरपूर स्टॉक मंगवा लिया था, लेकिन लॉकडाउन ने उनके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया। बीते 26 दिन के दौरान प्रयागराज में सिर्फ इलेक्ट्रानिक्स आइटम बेचने वाले कारोबारियों को ही 150 करोड़ से ज्यादा का झटका लगा है। इस बीच लॉकडाउन पार्ट-2 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से बृहस्पतिवार 16 अप्रैल को बताया गया कि 20 अप्रैल से  ई-कामर्स कंपनियां टीवी, फ्रिज, रेटीमेड गार्मेंट्स, लैपटॉप, मोबाइल आदि वस्तुओं की बिक्री कर सकती हैं।
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इलाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर इलेक्ट्रानिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले में अपनी आपत्ति दर्ज कराई। एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि तकरीबन एक माह से बाजार बंद होने के बाद जब ई-कामर्स कंपनियां काम शुरू करेंगी तो खुदरा व्यापारियों के यहां जो माल काफी पहले मंगवा लिया गया था, वह रखा ही रह जाएगा। लॉकडाउन के बाद बाजार खुलेगा तो ग्राहक बाजार में नहीं आएंगे। इससे व्यापार पर विपरीत असर पड़ेगा, जबकि हमारे खर्च यथावत रहेंगे। इसमें दुकान, गोदाम का किराया, बिजली का बिल, कर्मचारियों का वेतन, बैंक ब्याज, जीएसटी आदि शामिल हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि अगर ई-कामर्स कंपनियों को छूट मिल सकती है तो कुछ शर्तों के साथ खुदरा व्यापार को भी छूट दी जानी चाहिए। 
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सरकार को चाहिए कि वह खुदरा व्यापारियों का सहयोग करें। खुदरा व्यापारी अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से कुछ समय के लिए दो या चार कर्मचारियों के साथ दुकान खोलें। होम डिलेवरी की छूट खुदरा व्यापारियों को भी मिले। सरकार को व्यापारी भी सुनिश्चित करेंगे कि उनका सारा स्टाफ मास्क पहनेगा और सेनटाइजर का भी प्रयोग करेगा। -शशांक जैन, अध्यक्ष  इलाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर इलेक्ट्रानिक एसोसिएशन

व्यवहारिक शर्त के साथ व्यापार की छूट शोरूम संचालकों को मिलनी चाहिए, नहीं तो खुदरा व्यापार तो खत्म होगा ही इसका प्रभाव अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेेगा। व्यापार खराब होने की स्थिति में देश में बेरोजगारी भी बढ़ेगी। सरकार इस बारे में जरूर सोचे। -केके श्रीवास्तव, प्रोपराइटर केके सेल्स सिविल लाइंस। 

लॉक डाउन की वजह से जिले के इलेक्ट्रानिक्स एवं इलेक्ट्रिकल बाजार में हर रोज कारोबारियों को करोड़ों रुपये का घाटा हो रहा है। सरकार अगर ई-कामर्स कंपनियों को छूट दे रही है तो उसे चाहिए कि वह खुदरा कारोबारियों को भी राहत दे। तमाम शोरूम में फ्रिज, एसी, टीवी, इनवर्टर आदि का स्टॉक भरा हुआ है।  - अखिलेश सिंह, प्रोपराइटर लकी ट्रेडर्स, राजरूपपुर

सरकार न भूले, ऑनलाइन पिज्जा वाले ने कई लोगों को किया दिल्ली में संक्रमित

ई-कामर्स कंपनियों को कारोबार करने की छूट दिए जाने के मामले में कैट ने भी आपत्ति जताई है। कैट पदाधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में ऑनलाइन पिज्जा वाले ने 75 लोगों को संक्रमित कर दिया। इसके बाद भी ई-कामर्स कंपनियों को अनुमति देना समझ से परे है। कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि सरकार के इस कदम का कैट पुरजोर विरोध करती है। इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र भी भेजा गया है। 
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