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इलाहाबाद की सड़कों पर इथेनाल से चलेंगी बसें
इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:41 PM IST
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nitin gadkari
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केंद्रीय सड़क, परिवहन, राजमार्ग, जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने विकास के साथ बेरोजगारी दूर करने का मंत्र दिया। उन्होंने बायोडिजास्टर तकनीक से अवजल से इथेनाल, धान-गेहूं की भूसी और पुआल से बिजली -पेट्रोल बनाने का किसानों से आह्वान किया।
कहा कि देश का किसान देश के लिए बिजली पैदा करे तथा पेट्रोल एवं डीजल का पर्याय दे। गडकरी ने वादा किया कि आने वाले समय में इलाहाबाद में दो सौ बसें इथेनाल से चलाई जाएंगी। सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें और कारें दौड़ेंगी। ट्रैफिक सस्ता और सुगम तो होगा ही, बेरोजगारों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इथेनाल से बसें चलाई जा रही हैं। लक्जरी बसों के जैसे उनका नतीजा आया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी एयर कंडीशन लक्जरी बसों में चले ऐसी योजना तैयार की जा रही है। किसानों के द्वारा भूसी, पुआल से तैयार किए जाने वाले इथेनाल के ईधन से चलने वाली टैक्सी एवं बाइक बनाने के लिए बजाज और अन्य कंपनियों को प्रेरित किया गया है। ऐसा हुआ तो किसानों के हाथों को मजबूती मिलेगी और बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि इथेनाल के उपयोग से प्रदूषण मुक्त वातावरण लोगों को मिलेगा। इलेक्ट्रिक बसों एवं रिक्शा के माध्यम से लोगों को आवागमन की सस्ती सुविधा मिलेगी। इथेनाल बाइक टैक्सी भी चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इथेनाल एवं इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से 5 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। धनवान राज्य एवं धनवान लोग के संकल्प के साथ यूपी की तस्वीर बदलेगी।
नाराज मेयर ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार
परेड मैदान में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और इलाहाबाद की मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी की गैरमौजूदगी हैरान करने वाली रही। कार्यक्रम में मौजूद तमाम भाजपाई भी इसे लेकर चर्चा करते नजर आए। बताया गया कि एनएचएआई द्वारा आमंत्रण पत्र में मेयर का नाम नहीं लिखा गया था। इसी वजह से वे नाराज थी और कार्यक्रम में नहीं गईं, जबकि कार्यक्रम के थोड़ी देर बाद सफाई कर्मियों के सम्मान समारोह में उनकी उपस्थिति रही।
दरअसल एनएचएआई की ओर से आयोजित कार्यक्रम का जो आमंत्रण पत्र वितरित किया गया था, उसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, सूबे के चिकित्सा मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद श्यामा चरण गुप्ता, सांसद कौशाम्बी विनोद सोनकर, सांसद भदोही वीरेंद्र सिंह के साथ तमाम विधायकों एवं एमएलसी के नाम लिखे थे। कार्ड में शहर की प्रथम नागरिक एवं महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी का नाम नहीं था।
यही वजह उनकी नाराजगी की बताई जा रही है। इस बारे में मेयर से पूछा गया तो उन्होंने भी कहा कि यह सही बात है कि शहर की प्रथम नागरिक का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं था। उन्होंने बताया कि उनका नाम प्रोटोकाल की सूची में भी नहीं था। इसी वजह से वे कार्यक्रम में नहीं गई। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की गैरमौजूदगी पर मेयर ने कहा कि वे दिल्ली में आयोजित एक बैठक में शिरकत करने गए हुए थे। इसी वजह से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इस बारे में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज मिश्र से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बुधवार को तमाम समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए विज्ञापन में मेयर का नाम था।
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कहा कि देश का किसान देश के लिए बिजली पैदा करे तथा पेट्रोल एवं डीजल का पर्याय दे। गडकरी ने वादा किया कि आने वाले समय में इलाहाबाद में दो सौ बसें इथेनाल से चलाई जाएंगी। सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें और कारें दौड़ेंगी। ट्रैफिक सस्ता और सुगम तो होगा ही, बेरोजगारों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि इथेनाल से बसें चलाई जा रही हैं। लक्जरी बसों के जैसे उनका नतीजा आया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी एयर कंडीशन लक्जरी बसों में चले ऐसी योजना तैयार की जा रही है। किसानों के द्वारा भूसी, पुआल से तैयार किए जाने वाले इथेनाल के ईधन से चलने वाली टैक्सी एवं बाइक बनाने के लिए बजाज और अन्य कंपनियों को प्रेरित किया गया है। ऐसा हुआ तो किसानों के हाथों को मजबूती मिलेगी और बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि इथेनाल के उपयोग से प्रदूषण मुक्त वातावरण लोगों को मिलेगा। इलेक्ट्रिक बसों एवं रिक्शा के माध्यम से लोगों को आवागमन की सस्ती सुविधा मिलेगी। इथेनाल बाइक टैक्सी भी चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इथेनाल एवं इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से 5 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। धनवान राज्य एवं धनवान लोग के संकल्प के साथ यूपी की तस्वीर बदलेगी।
नाराज मेयर ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार
परेड मैदान में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और इलाहाबाद की मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी की गैरमौजूदगी हैरान करने वाली रही। कार्यक्रम में मौजूद तमाम भाजपाई भी इसे लेकर चर्चा करते नजर आए। बताया गया कि एनएचएआई द्वारा आमंत्रण पत्र में मेयर का नाम नहीं लिखा गया था। इसी वजह से वे नाराज थी और कार्यक्रम में नहीं गईं, जबकि कार्यक्रम के थोड़ी देर बाद सफाई कर्मियों के सम्मान समारोह में उनकी उपस्थिति रही।
दरअसल एनएचएआई की ओर से आयोजित कार्यक्रम का जो आमंत्रण पत्र वितरित किया गया था, उसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, सूबे के चिकित्सा मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद श्यामा चरण गुप्ता, सांसद कौशाम्बी विनोद सोनकर, सांसद भदोही वीरेंद्र सिंह के साथ तमाम विधायकों एवं एमएलसी के नाम लिखे थे। कार्ड में शहर की प्रथम नागरिक एवं महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी का नाम नहीं था।
यही वजह उनकी नाराजगी की बताई जा रही है। इस बारे में मेयर से पूछा गया तो उन्होंने भी कहा कि यह सही बात है कि शहर की प्रथम नागरिक का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं था। उन्होंने बताया कि उनका नाम प्रोटोकाल की सूची में भी नहीं था। इसी वजह से वे कार्यक्रम में नहीं गई। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी की गैरमौजूदगी पर मेयर ने कहा कि वे दिल्ली में आयोजित एक बैठक में शिरकत करने गए हुए थे। इसी वजह से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इस बारे में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज मिश्र से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बुधवार को तमाम समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए विज्ञापन में मेयर का नाम था।