यूपी : अतीक को उम्रकैद होने के बाद बसपा शाइस्ता परवीन का काट सकती है महापौर का टिकट, जल्द हो सकती है घोषणा
निगम निगम चुनाव के लिए सीटों के साथ आरक्षण के समीकरण भी बदले तो बसपा सुप्रीमो मायावती ने पदाधिकारियों को लखनऊ बुला लिया। दो अप्रैल को सभी पदाधिकारी लखनऊ जाएंगे और पूरे आसार हैं कि उसी दिन पार्टी नए मेयर प्रत्याशी के नाम पर भी मुहर लगा दे।
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निगम निगम चुनाव के लिए सीटों के साथ आरक्षण के समीकरण भी बदले तो बसपा सुप्रीमो मायावती ने पदाधिकारियों को लखनऊ बुला लिया। दो अप्रैल को सभी पदाधिकारी लखनऊ जाएंगे और पूरे आसार हैं कि उसी दिन पार्टी नए मेयर प्रत्याशी के नाम पर भी मुहर लगा दे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार जब माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन को बसपा से मेयर प्रत्याशी घोषित किया गया था, तब बसपा सुप्रीमो को पांच दावेदारों के नाम का पैनल सौंपा गया था। इनमें प्रयागराज के मुख्य जोन इंचार्ज डॉ. जगन्नाथ पाल और पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ चुके दशरथ पाल का नाम भी शामिल था। इनके अलावा दो अन्य ब्राह्मण दावेदार भी थे, जिनके नाम पार्टी ने पूरी तरह से गोपनीय रखे।
शाइस्ता परवीन को बसपा से मेयर प्रत्याशी घोषित किए जाने के कुछ महीने बाद ही उमेश पाल की हत्या हो गई और इसमें शाइस्ता के पति माफिया अतीक अहमद को आरोपी बनाया गया। बाद में पुलिस ने शाइस्ता को भी आरोपी बनाया और फरार घोषित कर दिया। हालांकि, पार्टी ने शाइस्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
अब उमेश पाल अपहरण कांड में माफिया अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद बसपा ने मेयर प्रत्याशी बदलने का मन बना लिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रयागराज की सीट ओबीसी से अनारक्षित किए जाने पर समीकरण पूरी तरह से बदल चुके हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रयागराज के पदाधिकारियों को दो अप्रैल को लखनऊ बुला लिया है।
दो अप्रैल को प्रयागराज से बसपा के नए मेयर प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगाए जाने के पूरे आसार हैं। यह संभावना भी है कि बसपा जल्द ही शाइस्ता परवीन की पार्टी की सदस्यता भी निरस्त कर सकती है। तीन अप्रैल को बसपा जिला समिति की बैठक भी है, जिसमें नए प्रत्याशी के नाम की घोषणा की जा सकती है। हालांकि, बसपा के जिलाध्यक्ष टीएन जैसल का कहना है कि अभी कुछ तय नहीं है। अंतिम निर्णय बसपा सुप्रीमो मायावती लेंगी।