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दरिंदगी : गला दबाकर हत्या के बाद हेक्सा ब्लेड से किए शव के टुकड़े
Thu, 28 Aug 2025 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Thu, 28 Aug 2025 02:27 AM IST
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11वीं के छात्र पीयूष की हत्या की दास्तान सुनकर पुलिसकर्मी भी सिहर उठे। आरोपी शरण सिंह ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि उसने अपने ही भतीजे के बेटे को काम के बहाने घर बुलाया और भीतर ले जाकर पहले सिर पर वार कर अचेत कर दिया। इसके बाद हाथों से गला दबाकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद हेक्सा ब्लेड से उसके हाथ-पैर और सिर अलग कर दिए और फिर इन्हें एक-एक कर ठिकाने लगा दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शरण सिंह मृतक छात्र के घर के पास ही रहता था। छात्र रोज सुबह स्कूल जाने के लिए निकलता था और मंगलवार सुबह भी वह स्कूल जा रहा था। इसी बीच उसने उसे बहाने से अपने घर बुला लिया। अंदर पहुंचते ही सिर पर पीछे से वार कर उसे अचेत कर दिया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद कटे हुए हाथ-पैर और सिर को थैले में भरकर करेंहदा जंगल में फेंक आया। फिर घर लौटा और धड़ को पॉलिथीन में लपेटकर अपनी स्कूटी पर रखा। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र के नाले में फेंककर वापस चला आया।
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पूछताछ के दौरान जब आरोपी ने वारदात का तरीका कबूल किया तो वहां मौजूद पुलिस अफसर और जवान भी स्तब्ध रह गए।
मां पर टूटा गम का पहाड़
मृतक की मां कामिनी का रो-रोकर बुरा हाल है। पति की मौत के बाद पीयूष ही उसके जीवन का सहारा था। वह यही कहकर बिलख रही थी कि मुझे क्या पता था कि मेरा बेटा स्कूल जाने के लिए निकला है और वापस कभी नहीं लौटेगा। अब मैं किसके सहारे रहूंगी।
सदियापुर गुरुद्वारे के पास स्थित बस्ती में घटना के बाद मातम पसरा है। लोग कहते हैं कि जिसने भी पीयूष को जाना, वह उसकी सादगी और होनहार स्वभाव का कायल था। मोहल्लेवासियों का कहना है कि रिश्ते का दादा ही दरिंदा बन जाएगा, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
करेली थाने का घेराव, आरोपी को फांसी की मांग
घटना की जानकारी जैसे ही इलाके में फैली, स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देर शाम सैकड़ों लोग करेली थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपी को फांसी देने की मांग करने लगे। भीड़ बढ़ती देख पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। हालात काबू से बाहर न हों, इसके लिए आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस अफसर आक्रोशित भीड़ को समझाने और शांत कराने की कोशिशों में जुटे थे।
स्कूटी के स्टीकर से हत्यारोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्यारोपी तक पहुंचने में घटना में प्रयुक्त स्कूटी पर लगे स्टीकर की अहम भूमिका रही। सीसीटीवी फुटेज की जांच-पड़ताल में सामने आया कि जिस स्कूटी से सिरकटी लाश औद्योगिक क्षेत्र में फेंकी गई थी, उस पर धार्मिक लोगो वाला स्टीकर लगा था। फुटेज के जरिए तलाश करते हुए पुलिस आगे बढ़ी तो पता चला कि यह स्कूटी सदियापुर गुरुद्वारे के पास स्थित बस्ती से आई थी। वहां सादे कपड़ों में पहुंचे कुछ पुलिसकर्मियों ने सुरागरसी की तो जानकारी मिली कि धार्मिक लोगो वाला स्टीकर लगी स्कूटी शरण सिंह के पास है। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो वह फरार मिला। फोन भी बंद था। इसके बाद ही वह शक के घेरे में आ गया। जांच में कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई और आखिरकार वह गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शरण सिंह मृतक छात्र के घर के पास ही रहता था। छात्र रोज सुबह स्कूल जाने के लिए निकलता था और मंगलवार सुबह भी वह स्कूल जा रहा था। इसी बीच उसने उसे बहाने से अपने घर बुला लिया। अंदर पहुंचते ही सिर पर पीछे से वार कर उसे अचेत कर दिया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी।
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हत्या के बाद कटे हुए हाथ-पैर और सिर को थैले में भरकर करेंहदा जंगल में फेंक आया। फिर घर लौटा और धड़ को पॉलिथीन में लपेटकर अपनी स्कूटी पर रखा। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र के नाले में फेंककर वापस चला आया।
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पूछताछ के दौरान जब आरोपी ने वारदात का तरीका कबूल किया तो वहां मौजूद पुलिस अफसर और जवान भी स्तब्ध रह गए।
मां पर टूटा गम का पहाड़
मृतक की मां कामिनी का रो-रोकर बुरा हाल है। पति की मौत के बाद पीयूष ही उसके जीवन का सहारा था। वह यही कहकर बिलख रही थी कि मुझे क्या पता था कि मेरा बेटा स्कूल जाने के लिए निकला है और वापस कभी नहीं लौटेगा। अब मैं किसके सहारे रहूंगी।
सदियापुर गुरुद्वारे के पास स्थित बस्ती में घटना के बाद मातम पसरा है। लोग कहते हैं कि जिसने भी पीयूष को जाना, वह उसकी सादगी और होनहार स्वभाव का कायल था। मोहल्लेवासियों का कहना है कि रिश्ते का दादा ही दरिंदा बन जाएगा, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
करेली थाने का घेराव, आरोपी को फांसी की मांग
घटना की जानकारी जैसे ही इलाके में फैली, स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देर शाम सैकड़ों लोग करेली थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपी को फांसी देने की मांग करने लगे। भीड़ बढ़ती देख पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। हालात काबू से बाहर न हों, इसके लिए आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस अफसर आक्रोशित भीड़ को समझाने और शांत कराने की कोशिशों में जुटे थे।
स्कूटी के स्टीकर से हत्यारोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्यारोपी तक पहुंचने में घटना में प्रयुक्त स्कूटी पर लगे स्टीकर की अहम भूमिका रही। सीसीटीवी फुटेज की जांच-पड़ताल में सामने आया कि जिस स्कूटी से सिरकटी लाश औद्योगिक क्षेत्र में फेंकी गई थी, उस पर धार्मिक लोगो वाला स्टीकर लगा था। फुटेज के जरिए तलाश करते हुए पुलिस आगे बढ़ी तो पता चला कि यह स्कूटी सदियापुर गुरुद्वारे के पास स्थित बस्ती से आई थी। वहां सादे कपड़ों में पहुंचे कुछ पुलिसकर्मियों ने सुरागरसी की तो जानकारी मिली कि धार्मिक लोगो वाला स्टीकर लगी स्कूटी शरण सिंह के पास है। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो वह फरार मिला। फोन भी बंद था। इसके बाद ही वह शक के घेरे में आ गया। जांच में कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई और आखिरकार वह गिरफ्तार कर लिया गया।