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अपनी जान कुर्बान कर कइयों को जिंदगी दे गए दोनों अफसर
Thu, 24 Dec 2020 12:51 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 12:51 PM IST
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फूलपुर का इफको प्लांट
- फोटो : अमर उजाला
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इफ्को में अमोनिया गैस रिसाव में जान गंवाने वाले दोनों अफसर बीपी सिंह और अभय नंदन अपने कई कर्मचारियों को जिंदगी दे गए। मौत का खतरे को जानते हुए भी दोनों अफसरों ने मौके पर पहुंचकर गैस रिसाव बंद किया। इसके चलते वहां काम कर रहे करीब बीस से अधिक लोगों की जान बच गई। थोड़ी भी देर और हो जाती तो हादसा बहुत बड़ा हो जाता।
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मंगलवार रात इफ्को के पी-1 प्लांट में उत्पादन का कार्य चल रहा था। देर रात दोनों अफसर यूरिया-1 एवं अमोनिया-1 कंट्रोल रूम में मौजूद थे। अचानक सायरन बजा तो वहां भगदड़ मच गई। गैस रिसाव होने लगा। वहां जाने का मतलब जान का खतरा था। फिर भी इफ्को के असिस्टेंट मैनेजर यूरिया बीपी सिंह व डिप्टी मैनेजर आफ साइट अभय नंदन गैस रिसाव को रोकने के लिए पहुंच गए। जहां रिसाव हो रहा था, वहां काम कर रहे डेढ़ दर्जन से अधिक कर्मचारी फंस चुके थे।
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अंदर जाने का मतलब जान का खतरा था। इसे जानते हुए भी अफसरों ने अपनी जान की परवाह नहीं की और शोर मचाते हुए वहां फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश में जुट गए। लेकिन ज्यादा देर तक गैस की चपेट में आने से वे बेहोश हो गए। उनकी जान तो चली गई लेकिन उन्होंने कइयों की जिंदगी बचा दी। हादसे में जिन कर्मचारियों की जान बची है, उन्होंने बताया कि दोनों अफसरों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कर्मचारियों को बाहर निकालने और गैस रिसाव बंद करने की कोशिश की।
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प्लांट में फंसे लोगों के बचाव में डटे रहे धर्मवीर पाल
मंगलवार देर रात इफ्को फूलपुर इकाई के पी-1प्लांट में अमोनिया गैस रिसाव हुआ तो उस दौरान वहां करीब बीस लोग काम कर रहे थे। गैस रिसाव में फंसे इफ्को कर्मियों को बचाने के लिए वहां ड्यूटी पर तैनात चीफ आपरेटर अमोनिया एवं इफ्को कर्मचारी यूनियन के कोषाध्यक्ष धर्मवीर पाल डटे रहे। उन्होंने भी अपनी जान की परवाह किए बगैर पूरी सतर्कता के साथ वहां फंसे चार साथियों को किसी तरह घसीटकर बाहर निकाला और उनकी जान बचाने में कामयाबी हासिल की। दोनों गैस की चपेट में आने से बीमार हैं। उन्हें इफ्को परिसर स्थित हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। जहां से डाक्टरों ने दोपहर बाद उन्हें छुट्टी दे दी।
कैसे हुआ हादसा, क्या कहते हैं अधिकारी
इफको फूलपुर इकाई के पी-1 प्लांट में मंगलवार देर रात आखिर यह हादसा अचानक कैसे हो गया। इसे लेकर दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। इफको अधिकारियों के मुताबिक सी-पाली की ड्यूटी पर जैसे लोग पहुंचे उसके कुछ ही देर बाद अमोनिया पंप का टाइड राड अचानक टूटा और उसका प्लांजर निकल गया और देखते ही देखते वहां गैस का भारी रिसाव शुरू हो गया। बताया गया कि 230 केजी प्रेशर होने के चलते रिसाव काफी तेज था। जिससे वहां काम कर रहे मृतक दोनों अधिकारियों के अलावा 18 अन्य कर्मचारी भी गैस रिसाव में फंस गए।
गमगीन रहा इफ्को परिसर का माहौल, सहमे रहे लोग
मंगलवार देर रात इफ्को के पी-1 प्लांट में गैस रिसाव के बाद दो अधिकारियों की हुई मौत और 18 अन्य कर्मचारियों के बीमार होने से परिसर का माहौल बुधवार को बेहद गमगीन रहा। कालोनीवासियों में दिन भर बस घटना को लेकर चर्चा होती रही। वहीं इस घटना को लेकर लोग डरे सहमे से नजर आए। इफ्को में पिछले दो सालों में कई घटनाएं हो गई हैं। वहां रहने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के परिवार वाले बहुत डरे हैं। उनका कहना है कि इस तरह हादसे होते रहे तो यहां रहना बहुत खतरनाक होगा।