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राज्य विश्वविद्यालय में बॉटनी का पेपर आउट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 26 Apr 2017 01:51 AM IST
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तीन केंद्रों पर पकड़ी गई सामूहिक नकल
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य विश्वविद्यालय की मंगलवार को हुई बॉटनी की परीक्षा का पेपर आउट हो गया। पकड़े गए छात्रों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में छात्रों ने बताया कि दो-दो सौ रुपये देकर व्हाट्स ऐप पर पेपर खरीदा है। पुलिस अब इस छानबीन में जुटी है कि पेपर आउट होने की शुुरुआत कहां से हुई। माना जा रहा है कि इसे पीछे कोई बाड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। विवि प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने स्तर से भी जांच शुरू करा दी है। कुलपति का कहना है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
राज्य विश्वविद्यालय की मंगलवार को बीएससी प्रथम वर्ष में बॉटनी के तृतीय प्रश्नपत्र की आखिरी परीक्षा थी। यह परीक्षा इलाहाबाद, प्रतापगढ़, फतेहपुर और कौशाम्बी में दोपहर तीन से शाम छह बजे की दूसरी पाली में 200 से अधिक केंद्रों पर थीं। इन सभी जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इलाहाबाद में कुलभाष्कर आश्रम पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र में सचल दल ने छानबीन की तो एक छात्रों को नकल करते रंगे हाथों पकड़ा। उसके मोबाइल की जांच की गई तो पाया गया कि सुबह दस बजे ही उसे व्हाट्स ऐप पर बॉटनी का पेपर मिल गया था। मामला सामने आते ही केंद्र पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद भी पहुंच गए। पकड़े गए छात्र के आसपास बैठे अन्य छात्रों की जांच की गई तो दो अन्य छात्रों के पास भी मोबाइल फोन मिले और उनके व्हाट्स पर पेपर भी था।
तीन छात्रों को जॉर्जटाउन पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने छात्रों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि दो-दो सौ रुपये देकर व्हाट्स ऐप पर पेपर खरीदा है। पुलिस को मामले में जांच करने के लिए केंद्राध्यक्ष की ओर से तहरीर दी गई है। हालांकि देर रात मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इंस्पेक्टर जॉर्जटाउन राजकुमार शर्मा ने बताया कि छात्रों से पूछताछ की जा रही है ताकि उस व्यक्ति तक पहुंचा जा सके, जो मुख्य सूत्रधार है। हो सकता है इसमें कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। उधर, विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन भी अपने स्तर से इसकी जांच करा रहा है। जांच रिपोर्ट आते ही मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य विश्वविद्यालय की मंगलवार को बीएससी प्रथम वर्ष में बॉटनी के तृतीय प्रश्नपत्र की आखिरी परीक्षा थी। यह परीक्षा इलाहाबाद, प्रतापगढ़, फतेहपुर और कौशाम्बी में दोपहर तीन से शाम छह बजे की दूसरी पाली में 200 से अधिक केंद्रों पर थीं। इन सभी जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इलाहाबाद में कुलभाष्कर आश्रम पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र में सचल दल ने छानबीन की तो एक छात्रों को नकल करते रंगे हाथों पकड़ा। उसके मोबाइल की जांच की गई तो पाया गया कि सुबह दस बजे ही उसे व्हाट्स ऐप पर बॉटनी का पेपर मिल गया था। मामला सामने आते ही केंद्र पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद भी पहुंच गए। पकड़े गए छात्र के आसपास बैठे अन्य छात्रों की जांच की गई तो दो अन्य छात्रों के पास भी मोबाइल फोन मिले और उनके व्हाट्स पर पेपर भी था।
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तीन छात्रों को जॉर्जटाउन पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने छात्रों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि दो-दो सौ रुपये देकर व्हाट्स ऐप पर पेपर खरीदा है। पुलिस को मामले में जांच करने के लिए केंद्राध्यक्ष की ओर से तहरीर दी गई है। हालांकि देर रात मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इंस्पेक्टर जॉर्जटाउन राजकुमार शर्मा ने बताया कि छात्रों से पूछताछ की जा रही है ताकि उस व्यक्ति तक पहुंचा जा सके, जो मुख्य सूत्रधार है। हो सकता है इसमें कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। उधर, विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन भी अपने स्तर से इसकी जांच करा रहा है। जांच रिपोर्ट आते ही मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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