Prayagraj : एसपीजी की मौजूदगी में तैयार हुआ पीएम के कार्यक्रम का खाका, पीएमओ की टीम ने संभाली कमान
श्रृंग्वेरपुर धाम में बने घाट, निषादराज पार्क, भगवान राम व निषादराज की गले मिलते प्रतिमा और भरद्वाज आश्रम कॉरिडोर का भी वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री श्रृंग्वेरपुर धाम में प्रस्तावित गंगा रिवर फ्रंट, संग्रहालय का शिलान्यास भी करेंगे।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर एसपीजी और पीएमओ की टीम ने मंगलवार को कमान संभाल ली। मेला, जिला और पुलिस प्रशासन के साथ बैठक में एसपीजी ने पूरे आयोजन का खाका तैयार किया और उसके अनुसार व्यवस्था के निर्देश दिए। इस मौके पर सेना के अफसर भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री 13 दिसंबर को प्रयागराज आ रहे हैं और करीब तीन घंटे यहां रहेंगे। दिन में करीब 11:30 बजे उनका विशेष यान बमरौली एयरपोर्ट पर उतरेगा। वहां से हेलीकॉप्टर से वह अरैल आएंगे। अरैल स्थित डीपीएस के मैदान में हेलीपैड तैयार हो रहा है। अरैल से प्रधानमंत्री निषादराज क्रूज से वीआईपी घाट आएंगे और वहां से संगम नोज पहुंचेंगे।
संगम पर गंगा पूजन के साथ उनका संतों संग मुलाकात का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके मद्देनजर संताें को आमंत्रण भेजा गया है। इसके बाद प्रधानमंत्री अक्षयवट, सरस्वती कूप और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री संगम क्षेत्र में ही बने पंडाल में सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री इस मौके पर सात हजार करोड़ रुपये से अधिक की निर्माण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।
ढाई बजे पीएम दिल्ली के लिएहोंगे रवाना
श्रृंग्वेरपुर धाम में बने घाट, निषादराज पार्क, भगवान राम व निषादराज की गले मिलते प्रतिमा और भरद्वाज आश्रम कॉरिडोर का भी वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री श्रृंग्वेरपुर धाम में प्रस्तावित गंगा रिवर फ्रंट, संग्रहालय का शिलान्यास भी करेंगे। इसके बाद वह दिन में करीब ढाई बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर एसपीजी ने कमान संभाल ली है। मेला और जिला प्रशासन संग करीब चार घंटे तक चली बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बमरौली एयरपोर्ट और अरैल हेलीपैड पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए कौन रहेगा, निषादराज क्रूज में कौन-कौन रहेगा और क्या व्यवस्था रहेगी इन सभी बिंदुओं पर मंथन हुआ। गंगा पूजन के दौरान प्रधानमंत्री के साथ जेटी पर कौन-कौन रहेगा, संतों संग वार्ता में कौन रहेगा आदि बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभा स्थल पर प्रधानमंत्री के मंच पर मौजूद रहने वालों की भी सूची तैयार की गई। हालांकि, पीएमओ के निर्देश के बाद ही सूची को अंतिम रूप देने की बात कही जा रही है। बैठक के बाद डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ समेत अन्य अफसरों ने आयोजन स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
प्रधानमंत्री को भेंट किया जाएगा कुंभ कलश
प्रयागराज आगमन पर प्रधानमंत्री को कुंभ कलश भेंट किया जाएगा। इसके अलावा महाकुंभ स्नान के विहंगम दृश्य पर आधारित फोटोग्राफ्स समेत अन्य कई भेंटें भी दिए जाने की बात कही जा रही है।
230 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा होगा पंडाल, मंच पर होंगे चुनिंदा नेता
प्रधानमंत्री की सभा के लिए 230 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा जर्मन हैंगर का पंडाल तैयार किया जा रहा है। मंगलवार को पंडाल के साथ मंच को भी अंतिम रूप दिया गया। गंगा पूजन के लिए जेटी का आधार भी तैयार हो गया है। इसी के साथ एसपीजी ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया है। 13 दिसंबर को आ रहे प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप प्रधानमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत कई केंद्रीय और प्रदेश के मंत्री भी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री गंगा पूजन संग सभा को भी संबोधित करेंगे। हालांकि, चुनिंदा लोग ही प्रधानमंत्री के साथ मंच और जेटी साझा करेंगे।
दो लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दो लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। हालांकि, पंडाल की क्षमता इससे कहीं कम है। पंडाल 230 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा है। इसमें 20 हजार लोगों के बैठने की ही व्यवस्था होगी। पंडाल में संगम नोज वाले छोर पर प्रधानमंत्री का मंच तैयार किया जा रहा है। मंच भी 120 गुणा 40 वर्गफीट का बनाया जा रहा है। मंच को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मंच के पास ही महाकुंभ पर आधारित प्रदर्शनी का पंडाल तैयार किया गया है। इसमें महाकुंभ, नमामि गंगे आदि बिंदुओं पर आधारित बोर्ड लगाए जा रहे हैं। पंडाल के पास ही सेफ रूम, प्रधानमंत्री और अन्य मेहमानों के लिए खाने आदि के लिए भी हॉल तैयार किए जा रहे हैं। एसपीजी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मंगलवार को पूरा इलाका अपने कब्जे में ले लिया। बम निरोधक दस्ते ने संगम नोज और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। पंडाल और जेटी भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में तैयारी की जा रही है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए अफसरों संग बैठक और निरीक्षण का दौर देर रात तक चलता रहा।