फिल्मों के लिए ब्लैक मंथ साबित हुआ फरवरी, मार्च
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फरवरी में घायल वंस अगेन, फितूर, लखनऊ इश्क, सनम रे, लवशुदा, अलीगढ़, नीरजा, धारा 302, बॉलीवुड डायरीज, लव शगुन और मार्च में जुबान, जय गंगाजल, ग्लोबल बाबा, तेरा सुरूर, रॉकी हैंडसम, कपूर एंड संस समेत कई फिल्में रिलीज हुई लेकिन दर्शकों के न पहुंचने के कारण ज्यादातर फिल्मों का बिजनेस औसत से काफी कम रहा।
पैलेस थियेटर के निदेशक आशुतोष का कहना है कि सालभर में औसतन 100-125 फिल्में रिलीज होती हैं। जिसमें तकरीबन 80 फीसदी फिल्में फ्लॉप हो जाती हैं। हिट होने वाली फिल्मों का औसत पांच से सात फीसदी ही होता है। बाकी फिल्मों के औसत बिजनेस की उम्मीद रहती है लेकिन फरवरी और मार्च में फिल्में औसत बिजनेस भी नहीं कर पाती हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। अब परीक्षाएं और टी-ट्वेंटी क्रिकेट वर्ल्ड कप दोनों ही खत्म हो चुके हैं। आने वाली फिल्मों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
सिविल लाइंस स्थित राजकरन सिनेमाहाल के मैनेजर अकील खान ने बताया कि फरवरी और मार्च में फिल्मों का प्रदर्शन काफी खराब रहा। कई बार तो ऐसा हुआ कि इवनिंग शो देखने 15-20 दर्शक ही पहुंचे। आने वाले दिनों में कुछ बड़े बैनर की फिल्में रिलीज होंगी, जिनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। मनोरंजन कर विभाग वरिष्ठ निरीक्षक अरविंद ने बताया कि आमतौर पर फिल्मों से प्रतिमाह 50-80 लाख रुपये टैक्स कलेक्शन होता है लेकिन फरवरी और मार्च में टैक्स कलेक्शन में 60 फीसदी तक गिरावट आई। साथ ही कुछ फिल्में टैक्स फ्री हो गईं, इससे भी नुकसान हुआ।