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परीक्षाओं के विरोध में बांधी काली पट्टी, अनशन जारी
Sat, 29 Aug 2020 11:36 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 29 Aug 2020 11:36 PM IST
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जेईई मेन्स 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
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नीट एवं जेईई और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के विरोध में समाजवादी छात्रसभा के बैनर तले छात्रों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, समाजवादी छात्रसभा के छात्रों का क्रमिक अनशन लगातार 39वें दिन, शनिवार को भी जारी रहा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर समाजवादी छात्रसभा एवं युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने सिर पर काली पट्टी बांधकर श्रृंखला बनाते हुए जेईई, नीट एवं अन्य परीक्षाओं को स्थगित किए जाने की मांग की और सांकेतिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया। समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता ने कहा कि वैश्विक महामारी में कोई भी परीक्षा कराना अनैतिक है और छात्रों की जान से खिलवाड़ है। युवजन सभा के जिलाध्यक्ष संदीप यादव नेकहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों की जान की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रदर्शन में अदील हमजा, मयंक यादव, अजीत विधायक, नेहा यादव,्र अरविंद सरोज, जितेंद्र धनराज आदि शामिल रहे।
दूसरी ओर छात्रसंघ भवन के सामने क्रमिक अनशन कर रहे छात्रों ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा है कि जिन प्रदेशों में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में नहीं है, वहां स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी यूजीसी को पत्र के माध्यम से यह सूचना दे सकती है कि परीक्षा 30 सितंबर तक कराया जाना संभव नहीं है। अनशन का नेतृत्व कर रहे अजय यादव सम्राट ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी कोरोना नियंत्रण से बाहर है। ऐसे में 30 सितंबर तक जो भी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, उन्हें स्थगित किया जाना चाहिए। क्रमिक अनशन में राहुल पटेल, शिवबली, मोहम्मद मुब्बशिर, नवनीत यादव, मोहम्मद मसूद असांरी, रोहित सावन आदि मौजूद रहे।
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शैलेश ने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से इविवि प्रशासन वार्ता के लिए तैयार नहीं है। अगर छात्रों को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। उधर, तबीयत बिगडने के बाद ठीक होने पर फिर से आंदालन में शामिल हुए आइसा इकाई अध्यक्ष सोनू यादव ने आरोप लगाया है कि सरकार परीक्षा के नाम पर मनमानी करते पर उतारू है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को एनएसयूआई से अखिलेश यादव ने अपना समर्थन दिया इस मौके पर सीमांत गुपता, राकेश गौतम, कवि विक्टर सुल्तानपुरी, प्रदीप, राहुल यादव आदि मौजूद रहे।
छात्रों के पास कहीं और जाने का विकल्प भी नहीं है। एनएसयूआई पूर्वी यूपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें नहीं मानी जाती हैं, तब तक अनशन जारी रहेगा। वहीं, समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू समेत अदील हमजा, संदीप यादव,मंय यादव, नेहा यादव ने अनशनकारी छात्रों को समर्थन देते हुए कहा कि इविवि प्रशासन मनमानी पर उतारू है। आमरण अनशन पर बैठे किसी छात्र को अगर कुछ होता है तो इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर समाजवादी छात्रसभा एवं युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने सिर पर काली पट्टी बांधकर श्रृंखला बनाते हुए जेईई, नीट एवं अन्य परीक्षाओं को स्थगित किए जाने की मांग की और सांकेतिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया। समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता ने कहा कि वैश्विक महामारी में कोई भी परीक्षा कराना अनैतिक है और छात्रों की जान से खिलवाड़ है। युवजन सभा के जिलाध्यक्ष संदीप यादव नेकहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों की जान की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रदर्शन में अदील हमजा, मयंक यादव, अजीत विधायक, नेहा यादव,्र अरविंद सरोज, जितेंद्र धनराज आदि शामिल रहे।
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दूसरी ओर छात्रसंघ भवन के सामने क्रमिक अनशन कर रहे छात्रों ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा है कि जिन प्रदेशों में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में नहीं है, वहां स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी यूजीसी को पत्र के माध्यम से यह सूचना दे सकती है कि परीक्षा 30 सितंबर तक कराया जाना संभव नहीं है। अनशन का नेतृत्व कर रहे अजय यादव सम्राट ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी कोरोना नियंत्रण से बाहर है। ऐसे में 30 सितंबर तक जो भी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, उन्हें स्थगित किया जाना चाहिए। क्रमिक अनशन में राहुल पटेल, शिवबली, मोहम्मद मुब्बशिर, नवनीत यादव, मोहम्मद मसूद असांरी, रोहित सावन आदि मौजूद रहे।
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परीक्षा के विरोध में चीफ जस्टिस से गुहार
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि छात्र कौस्तुभ त्रिपाठी ने ईमेल के जरिये हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर गुहार लगाई है कि तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच प्रस्तावित परीक्षाएं स्थगित की जाएं। कौस्तुभ ने मांग की है कि ऑनलाइन ओपेन एग्जाम के जरिये परीक्षा कराई जाए। इससे संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा।परीक्षा के विरोध में भूख हड़ताल जारी
प्रयागराज। तेजी से फैल रही कोरोना महामारी के बीच परीक्षाएं कराए जाने के विरोध में आइसा कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल तीसरे दिन, शनिवार को भी जारी रही। भूख हड़ताल पर बैठे आइसा के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पासवान ने कहा कि कोरोना संक्रमण में परीक्षा कराना गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित करने की नीति है। उन्होंने मांग की कि छात्रों को बिना परीक्षा प्रोन्नत किया जाए।शैलेश ने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से इविवि प्रशासन वार्ता के लिए तैयार नहीं है। अगर छात्रों को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। उधर, तबीयत बिगडने के बाद ठीक होने पर फिर से आंदालन में शामिल हुए आइसा इकाई अध्यक्ष सोनू यादव ने आरोप लगाया है कि सरकार परीक्षा के नाम पर मनमानी करते पर उतारू है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को एनएसयूआई से अखिलेश यादव ने अपना समर्थन दिया इस मौके पर सीमांत गुपता, राकेश गौतम, कवि विक्टर सुल्तानपुरी, प्रदीप, राहुल यादव आदि मौजूद रहे।
आमरण अनशन पर बैठे छात्रों को मिला समर्थन
हॉस्टल के लिए इविवि के डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठे छात्रों को एनएसयूआई और समाजवादी छात्रसभा ने अपना समर्थन दिया है। एनएसयूआई के इविवि इकाई अध्यक्ष सत्यम कुशवाहा, अभिषेक द्विवेदी, शरद शंकर ने कहा कि इविवि प्रशासन को छात्रों की कोई फिक्र नहीं है। सितंबर में प्रस्तावित परीक्षाओं के लिए छात्र अपने घरो से लौट रहे हैं और इविवि प्रशासन उन्हें हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं दे रहा है।छात्रों के पास कहीं और जाने का विकल्प भी नहीं है। एनएसयूआई पूर्वी यूपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें नहीं मानी जाती हैं, तब तक अनशन जारी रहेगा। वहीं, समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू समेत अदील हमजा, संदीप यादव,मंय यादव, नेहा यादव ने अनशनकारी छात्रों को समर्थन देते हुए कहा कि इविवि प्रशासन मनमानी पर उतारू है। आमरण अनशन पर बैठे किसी छात्र को अगर कुछ होता है तो इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा।