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भाजपा के लिए सिरदर्द बन सकती है शहर उत्तरी विधानसभा सीट

Sat, 18 Jun 2016 01:04 AM IST
राहुल शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
राहुल शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 18 Jun 2016 01:04 AM IST
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BJP may become a headache for city North assembly seat
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अगले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के लिए शहर उत्तरी विधानसभा सीट सिरदर्द बन सकती है। दरअसल इस विधानसभा सीट से पार्टी के कई दिग्गज नेता टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इस बीच सपा और बसपा के कई नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं। इनमें से कुछ विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार भी बताए जा रहे हैं। उधर भाजपा के पुराने दिग्गजों ने भी इस विधानसभा सीट से अपना दावा जताया है। ऐसे में टिकट बंटवारे के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को खासा एहतियात बरतना पड़ेगा। क्योंकि भाजपा में बाहर से आने वाले नेताओं का पार्टी में अंदर ही अंदर विरोध शुरू हो गया है।
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इलाहाबाद शहर की बात करें तो यहां विधानसभा की तीन सीटें शहर उत्तरी, शहर दक्षिणी और शहर पश्चिमी है। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को इन तीनों ही सीटों पर शिकस्त झेलनी पड़ी थी। शहर पश्चिमी के मुकाबले भाजपा ने उत्तरी और दक्षिण विधानसभा सीट में कई बार कमल खिलाया है। वर्तमान चुनावी समीकरण को देखते हुए भाजपा ने इस बार शहर की तीनों सीट जीतने का दावा किया है। हालांकि शहर पश्चिमी और दक्षिणी के मुकाबले भाजपा के पास उत्तरी में इस बार काफी दावेदार है।
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इन दावेदारों में कुछ पुराने भाजपाई भी हैं। जो भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी और पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी के करीबी भी माने जाते हैं। भाजपा में अभी सपा और बसपा के कई नेताओं के शामिल हो जाने और उत्तरी विधानसभा से टिकट की दावेदारी जताने के बाद पार्टी के एक वर्ग में इसे लेकर खासा रोष है। इसे लेकर पार्टी नेताओं ने बैठकें भी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पार्टी के एक नेता ने भाजपा कार्यकारिणी की बैठक के दौरान राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया था। पार्टी के भीतर इस बात की भी चर्चा इन दिनों जोरों में है कि भाजपा इस बार अपने पुराने चेहरों पर विश्वास कर सकती है।
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बाहरी नेताओं के विरोध के चलते पार्टी का एक धड़ा यह मानकर चल रहा है कि इस बार टिकट उत्तरी विधानसभा में ही रहने वाले नेताओं पर दांव लगा सकती है। गौरतलब है कि इस बार शहर उत्तरी से डा. एलएस ओझा, डा. नरेंद्र कुमार सिंह गौर, रतन दीक्षित, शशांक त्रिपाठी, कमला सिंह, उदयभान करवरिया, हर्षवर्धन बाजपेयी आदि टिकट के दावेदार है।

‘भाजपा की नीतियों एवं विकास कार्यों से प्रभावित होकर सपा और बसपा से जुड़े कई लोग पार्टी ज्वाइन कर चुके हैं। विधानसभा टिकट पर अभी निर्णय नहीं हो रहा है। इसमें अभी वक्त है। ’
00 केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा।
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