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खास बातचीत: भाजपा प्रत्याशी बोले- 'चार दशक में जो अपने दरवाजे की सड़क न बनवा सके, वह क्या करेंगे मेरा मुकाबला'
Tue, 14 May 2024 02:54 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 14 May 2024 02:54 PM IST
सार
अमर उजाला कार्यालय में ''प्रत्याशी से मिलिए'' कार्यक्रम में इलाहाबाद लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी नीरज त्रिपाठी पहुंचे। इस दौरान नीरज त्रिपाठी ने बेबाकी से सवालों के जवाब दिए।
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BJP candidate Neeraj Tripathi
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व राज्यपाल स्व. केशरीनाथ त्रिपाठी के पुत्र नीरज त्रिपाठी राजनीतिक विरासत का पहिया आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। सोमवार सुबह अमर उजाला कार्यालय में ''प्रत्याशी से मिलिए'' कार्यक्रम में पहुंचे तो सवालों की झड़ी लग गई।
उनका कहना था कि चार दशक तक यमुनापार की जनता को धोखा देने और लूटने वाले उन पर जनता से दूर रहने, किसी से न मिलने-जुलने की अफवाह उड़ा रहे हैं। तंज कसा कि जो लोग चार दशक में अपने दरवाजे की सड़क तक नहीं बनवा सके, वह उनका मुकाबला कहां कर पाएंगे। प्रस्तुत है, बातचीत
भाजपा ने आपको टिकट देकर चौंका दिया। वजह पिता का सियासी कद रहा या कुछ और?
देखिए यही भाजपा की खूबसूरती है कि वह अपने सामान्य कार्यकर्ता को भी तवज्जो देती है। पार्टी ने मुझ जैसे मामूली कार्यकर्ता को लोकसभा का टिकट देकर जो उम्मीद जताई है, उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही संगठन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। भाजपा 400 के पार और इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र में चार लाख मतों से पार का नारा लग रहा है।
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सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी का टिकट कटा है। इससे कुछ लोग नाखुश हैं। इनसे कैसे पार पाएंगे?
रीताजी का मुझे पूरा आशीर्वाद है। जो लोग विरोध की बात करते हैं, वह उनके दिमाग की उपज है। रीता बहुगुणा मेरे साथ मंच साझा कर रही हैं। अपने से वह चुनावी सभाओं, सम्मेलनों और अभियानों में पहुंच रही हैं। पार्टी के भीतर कोई मतभेद नहीं है। टिकट के लिए आवेदन बहुत लोग करते हैं। एक सीट पर एक ही दावेदार को टिकट मिलता है। मंत्री नंदी, विधायक हर्षवर्धन सभी साथ में हैं। मैं सबकी बहुत इज्जत करता हूं।
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उनका कहना था कि चार दशक तक यमुनापार की जनता को धोखा देने और लूटने वाले उन पर जनता से दूर रहने, किसी से न मिलने-जुलने की अफवाह उड़ा रहे हैं। तंज कसा कि जो लोग चार दशक में अपने दरवाजे की सड़क तक नहीं बनवा सके, वह उनका मुकाबला कहां कर पाएंगे। प्रस्तुत है, बातचीत
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भाजपा ने आपको टिकट देकर चौंका दिया। वजह पिता का सियासी कद रहा या कुछ और?
देखिए यही भाजपा की खूबसूरती है कि वह अपने सामान्य कार्यकर्ता को भी तवज्जो देती है। पार्टी ने मुझ जैसे मामूली कार्यकर्ता को लोकसभा का टिकट देकर जो उम्मीद जताई है, उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही संगठन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। भाजपा 400 के पार और इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र में चार लाख मतों से पार का नारा लग रहा है।
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सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी का टिकट कटा है। इससे कुछ लोग नाखुश हैं। इनसे कैसे पार पाएंगे?
रीताजी का मुझे पूरा आशीर्वाद है। जो लोग विरोध की बात करते हैं, वह उनके दिमाग की उपज है। रीता बहुगुणा मेरे साथ मंच साझा कर रही हैं। अपने से वह चुनावी सभाओं, सम्मेलनों और अभियानों में पहुंच रही हैं। पार्टी के भीतर कोई मतभेद नहीं है। टिकट के लिए आवेदन बहुत लोग करते हैं। एक सीट पर एक ही दावेदार को टिकट मिलता है। मंत्री नंदी, विधायक हर्षवर्धन सभी साथ में हैं। मैं सबकी बहुत इज्जत करता हूं।
आप पर कम मिलने-जुलने, दफ्तर से घर तक सीमित रहने के आरोप लग रहे हैं?
ऐसा नहीं है। मैं हमेशा से पार्टी का काम करता रहा हूं। यूपी सरकार के अपर महाधिवक्ता की जिम्मेदारी मिलने पर पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए सियासी सभाओं, बैठकों में हिस्सा लेने से बचना भी मेरे प्रोटोकॉल का हिस्सा था। अब दिन-रात एक किए हूं। सबके बीच जा रहा हूं। रही बात दुष्प्रचार करने की तो विरोधियों के पास यही काम रह गया है।
ऐसा नहीं है। मैं हमेशा से पार्टी का काम करता रहा हूं। यूपी सरकार के अपर महाधिवक्ता की जिम्मेदारी मिलने पर पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए सियासी सभाओं, बैठकों में हिस्सा लेने से बचना भी मेरे प्रोटोकॉल का हिस्सा था। अब दिन-रात एक किए हूं। सबके बीच जा रहा हूं। रही बात दुष्प्रचार करने की तो विरोधियों के पास यही काम रह गया है।
आपको लोग राजनीति में नौसिखिये के तौर पर देख रहे हैं
मछली को तैरना नहीं सिखाया जाता। पिताजी के राजनीतिक कद का मुझे क्षेत्र में लाभ मिल रहा है। उनके समय भी मैं चुनाव प्रबंधन का काम देखता था। इसके कारण क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी बखूबी है। सात साल से यूपी सरकार में अपर महाधिवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहने के कारण वह राजनीतिक कार्यक्रमों में मंच साझा करने से बचते थे।
भितरघात से भी आपको जूझना पड़ रहा है। इसका सामना कैसे कर रहे हैं?
मछली को तैरना नहीं सिखाया जाता। पिताजी के राजनीतिक कद का मुझे क्षेत्र में लाभ मिल रहा है। उनके समय भी मैं चुनाव प्रबंधन का काम देखता था। इसके कारण क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी बखूबी है। सात साल से यूपी सरकार में अपर महाधिवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहने के कारण वह राजनीतिक कार्यक्रमों में मंच साझा करने से बचते थे।
भितरघात से भी आपको जूझना पड़ रहा है। इसका सामना कैसे कर रहे हैं?
भितरघात जैसी कोई बात नहीं है। कार्यकर्ता एकजुट हैं। चाहे पन्ना प्रमुखों की बैठक हो या मंडल अध्यक्ष या मंडल प्रभारियों की, सभी जगह कार्यकर्ताओं की उपस्थिति शत-प्रतिशत हो रही है। अनुसूचित जाति मोर्चा की बैठक में भी पार्टी से जुड़े सभी कार्यकर्ता पहुंचे थे। इससे साफ है कि भाजपा में सिंबल चुनाव लड़ता है, न कि प्रत्याशी।
अपनी लड़ाई किससे मानते हैं?
किसी से नहीं। जो लोग 40 साल से यमुनापार का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, उन्होंने हमेशा जनता को धोखा दिया है। ये वही नेता हैं जो अभी तक अपने दरवाजे की सड़क तक नहीं बनवा सके हैं। ऐसे में यमुनापार के विकास और जनता के हितों की बात उनके मुंह से शोभा नहीं देती। उज्ज्वल रमण को सपा ने नकार दिया तो भाजपा से टिकट का जुगाड़ लगाने लगे। दाल नहीं गली तो कांग्रेस में आ गए, जिसका कोई जनाधार नहीं है। बसपा के रमेश पटेल बीडीसी चुनाव में डेढ़ सौ वोट भी नहीं पाए थे। इसी से उनके कद का अंदाजा लगा सकते हैं।
किसी से नहीं। जो लोग 40 साल से यमुनापार का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, उन्होंने हमेशा जनता को धोखा दिया है। ये वही नेता हैं जो अभी तक अपने दरवाजे की सड़क तक नहीं बनवा सके हैं। ऐसे में यमुनापार के विकास और जनता के हितों की बात उनके मुंह से शोभा नहीं देती। उज्ज्वल रमण को सपा ने नकार दिया तो भाजपा से टिकट का जुगाड़ लगाने लगे। दाल नहीं गली तो कांग्रेस में आ गए, जिसका कोई जनाधार नहीं है। बसपा के रमेश पटेल बीडीसी चुनाव में डेढ़ सौ वोट भी नहीं पाए थे। इसी से उनके कद का अंदाजा लगा सकते हैं।
पिता के नाम पर या मोदी मैजिक... किसके सहारे पार होगी नैय्या?
जहां जा रहा हूं सिर्फ मोदी के नाम का ही शोर और गुणगान हो रहा है। विपक्ष का कहीं कोई नामलेवा नहीं है। मुफ्त राशन, माफिया-गुंडाराज का सफाया मोदी-योगी के शासन में हुआ है। फिर से माफिया को जनता अब नहीं पनपने देगी।
जहां जा रहा हूं सिर्फ मोदी के नाम का ही शोर और गुणगान हो रहा है। विपक्ष का कहीं कोई नामलेवा नहीं है। मुफ्त राशन, माफिया-गुंडाराज का सफाया मोदी-योगी के शासन में हुआ है। फिर से माफिया को जनता अब नहीं पनपने देगी।
जीत जाने पर यमुनापार में पहला काम क्या कराएंगे?
पिताजी ने नैनी के औद्योगिक क्षेत्र और यमुनापार के लिए जो सपना देखा था उसको पूरा करने का मेरा संकल्प है। जनता ने अवसर दिया तो नैनी का विधिवत विकास कराएंगे। एक मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल और अच्छे शिक्षण संस्थान खुलवाएंगे। शंकरगढ़ इलाके में यातायात की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने का प्रयास करूंगा।
पिताजी ने नैनी के औद्योगिक क्षेत्र और यमुनापार के लिए जो सपना देखा था उसको पूरा करने का मेरा संकल्प है। जनता ने अवसर दिया तो नैनी का विधिवत विकास कराएंगे। एक मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल और अच्छे शिक्षण संस्थान खुलवाएंगे। शंकरगढ़ इलाके में यातायात की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने का प्रयास करूंगा।
इन्होंने भी भेजे सवाल
राघव राठी, विनय सिंह, निहारिका तिवारी, मंजू केसरवानी, रोहित चतुर्वेदी, शैलेंद्र श्रीवास्तव समेत कई लोगों ने अमर उजाला को सवाल भेजे थे।
राघव राठी, विनय सिंह, निहारिका तिवारी, मंजू केसरवानी, रोहित चतुर्वेदी, शैलेंद्र श्रीवास्तव समेत कई लोगों ने अमर उजाला को सवाल भेजे थे।