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क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए डायोसिस आफ लखनऊ के बिशप
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:08 AM IST
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डायोसिस आफ लखनऊ की ओर से कचहरी स्थित बिशप जानसन स्कूल के खिलाफ की जा रही जांच में बिशप पीटर बलदेव सहित 11 पदाधिकारियों ने क्राइम ब्रांच के एसपी क्राइम के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखा। क्राइम ब्रांच में गैर हाजिर पांच अन्य पदाधिकारी को उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत करने के बारे में फिर से नोटिस जारी किया गया है।
पिछले महीने डायोसिस आफ लखनऊ के पदाधिकारियों के खिलाफ बिना मान्यता के कचहरी के निकट बिशप जानसन स्कूल संचालित कराने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें इस स्कूल के कई करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया था। एसएसपी ने इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। जिसमें बयान दर्ज कराने के लिए डायोसिस के पदाधिकारी और स्कूल की प्रिंसिपल को तलब किया गया था। बयान में उन्होंने कहा कि डायोसिस ने बैठक करके स्कूल संचालन का प्रस्ताव पास किया था। उसी के साथ मान्यता के लिए आवेदन किया गया था। जिसकी मान्यता शासन में विचाराधीन है लेकिन उनके इस तरह से क्राइम ब्रांच सहमत नहीं है।
एसपी क्राइम के समक्ष पक्ष रखने वालों में बिशप पीटर बलदेव के अलावा जीचीएस की प्रिंसिपल डा, विनीता योजना लाल, निधि लाल, सुनीता परमार, संजय मल सहित 11 पदाधिकारी उपस्थित हुए। नोटिस के बावजूद विनोद बी लाल, डेबिड दत्ता सहित पांच पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुए। इन सभी को फिर से नोटिस जारी किया गया है। जिसमें कहा है कि अगली तारीख में न आए तो जांच में असहयोग मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले महीने डायोसिस आफ लखनऊ के पदाधिकारियों के खिलाफ बिना मान्यता के कचहरी के निकट बिशप जानसन स्कूल संचालित कराने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें इस स्कूल के कई करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया था। एसएसपी ने इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। जिसमें बयान दर्ज कराने के लिए डायोसिस के पदाधिकारी और स्कूल की प्रिंसिपल को तलब किया गया था। बयान में उन्होंने कहा कि डायोसिस ने बैठक करके स्कूल संचालन का प्रस्ताव पास किया था। उसी के साथ मान्यता के लिए आवेदन किया गया था। जिसकी मान्यता शासन में विचाराधीन है लेकिन उनके इस तरह से क्राइम ब्रांच सहमत नहीं है।
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एसपी क्राइम के समक्ष पक्ष रखने वालों में बिशप पीटर बलदेव के अलावा जीचीएस की प्रिंसिपल डा, विनीता योजना लाल, निधि लाल, सुनीता परमार, संजय मल सहित 11 पदाधिकारी उपस्थित हुए। नोटिस के बावजूद विनोद बी लाल, डेबिड दत्ता सहित पांच पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुए। इन सभी को फिर से नोटिस जारी किया गया है। जिसमें कहा है कि अगली तारीख में न आए तो जांच में असहयोग मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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