UPPSC : यूपीपीएससी की परीक्षाओं में होगी बायोमीट्रिक हाजिरी, लाइव सीसीटीवी सर्विलांस की होगी व्यवस्था
UPPSC News Today : इसके साथ ही आयोग परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी के जरिये सीधी निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने जा रहा है। इसके लिए आयोग ने अनुभवी एजेंसियों से 28 जुलाई तक आवेदन मांगे हैं।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) अपनी परीक्षाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बायोमीट्रिक पहचान और बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। साथ ही परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी के जरिये सीधी निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने जा रहा है। इसके लिए आयोग ने अनुभवी एजेंसियों से 28 जुलाई तक आवेदन मांगे हैं।
एजेंसियों को आयोग की वेबसाइट पर अपने अभिलेख अपलोड करने होंगे। अनुभव और काम के आधार पर आयोग किसी एक एजेंसी का चयन करेगा। आयोग की ओर से पीसीएस, समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ), अपर निजी सचिव (एपीएस), एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती, प्रवक्ता भर्ती सहित सभी लिखित परीक्षाओं में बायोमीट्रिक पहचान एवं बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था लागू की जाएगी।
परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की बायोमीट्रिक पहचान की जाएगी और आयोग के पास उपलब्ध आवेदन में लगी अभ्यर्थी की फोटो से उसका मिलान कराया जाएगा। अगर किसी परीक्षार्थी की जगह कोई सॉल्वर बैठा है तो बायोमीट्रिक पहचान के तहत वह तुरंत पकड़ में आ जाएगा। इसके साथ ही लाइव सीसीटीवी सर्विलांस के जरिये भी परीक्षा केंद्रों पर पैनी नजर रखी जाएगी।
पीसीएस, आरओ/आरओ सहित अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में केंद्र बनाए जाते हैं। आयोग में स्टाफ सीमित है और हर परीक्षा केंद्र तक पहुंच पाना आयोग कर्मियों के लिए संभव नहीं होता। परीक्षा केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को एक कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा और परीक्षा के दौरान आयोग के अफसर कंट्रोल रूम से केंद्रों पर सीधे नजर रख सकेंगे।
इसके साथ ही आयोग परिसर में प्रवेश करने वाले अभ्यर्थियों को हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर की जांच से होकर निकलना पड़ेगा। इंटरव्यू के दौरान आयोग में रोज सैकड़ों अभ्यर्थी पहुंचते हैं, लेकिन उनकी तलाशी या जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। आयोग के मीडिया प्रभारी विनोद कुमार गौड़ का कहना है कि इन नई व्यवस्थाओं के लागू होने से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। इस क्षेत्र में काम कर रहीं अनुभवी एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं। एजेंसी के माध्यम से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।