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Raksha bandhan 2023 : रक्षाबंधन पर दिनभर भद्रा का साया, 31 अगस्त की सुबह भी राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Sun, 27 Aug 2023 03:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 27 Aug 2023 03:35 PM IST
सार

इस बार रक्षाबंधन 30 और 31 अगस्त को दोनों दिन मनाया जाएगा, लेकिन शुभ मुहूर्त को लेकर बहनों को लंबा इंतजार करना होगा। पंचांग के मुताबिक इस बार 30 अगस्त की सुबह 10:58 बजे पूर्णिमा लग रही है। पूर्णिमा लगने के साथ ही भद्रा काल आरंभ हो जाएगा।

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Bhadra shadow throughout the day on Rakshabandhan
Raksha Bandhan - फोटो : iStock

विस्तार

इस बार सावन पूर्णिमा को भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन पर दिनभर भद्रा का साया मंडराता रहेगा। ऐसे में भाइयों की कलाई पर नेह की डोर दिन में नहीं सज सकेगी। शुभ मुहूर्त में भद्रा काल के बाद ही बहनें तिलक लगाकर भाइयों को राखी बांध सकेंगी। दूसरे दिन भी सुबह 7:05 बजे तक पूर्णिमा मिलने की वजह से रक्षाबंधन का पर्व इस बार दो दिन मनाया जा सकेगा।

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इस बार रक्षाबंधन 30 और 31 अगस्त को दोनों दिन मनाया जाएगा, लेकिन शुभ मुहूर्त को लेकर बहनों को लंबा इंतजार करना होगा। पंचांग के मुताबिक इस बार 30 अगस्त की सुबह 10:58 बजे पूर्णिमा लग रही है। पूर्णिमा लगने के साथ ही भद्रा काल आरंभ हो जाएगा। खास बात यह भी है कि इस बार पूर्णिमा तो मिल रही है, लेकिन श्रवण नक्षत्र नहीं मिलेगा।
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इस बार के श्रावण शुक्ल पक्ष की भद्रा से युक्त पूर्णिमा धनिष्ठा नक्षत्र में आ रही है। इतना ही नहीं भद्रा काल पूरे दिन बना रहेगा। रात को 9:15 बजे के बाद भद्रा उतरने पर ही रक्षाबंधन का मुहूर्त है।

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31 को 7.05 के पहले बांध सकते हैं राखी

 

ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक 30 अगस्त को भद्रा सुबह 10.58 बजे से रात 09:15 बजे तक है। इस दिन भद्रा पृथ्वी लोक में रहेगा, जिसे अशुभ माना जाता है। ज्योतिषियों के मुताबिक जिन घरों में रात को राखी का त्योहार नहीं मनाया जाता, वह 31 अगस्त की सुबह 07:05 से पहले राखी बांध सकते हैं। इसलिए कि इसके बाद भाद्रपद की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। अमृत काल सुबह 05:42 बजे से सुबह 07:23 तक है। इस दिन सुबह सुकर्मा योग भी रहेगा। भद्रा की बाधा भी नहीं रहेगी। ऐसे में 31 की सुबह भी रक्षाबंधन का शुभ योग है।

ऐसे बांधें भाइयों की कलाई पर राखी

राखी बांधने से पहले भाई के माथे पर तिलक और अक्षत लगाएं। भाई इस बात का ध्यान रखे कि राखी को कभी भी खाली और खुले हाथों में न बंधवाएं। हमेशा हाथ में कुछ पैसे और अक्षत रखें और अपनी मुट्ठी बंद रखें। ऐसा करने से घर में संपत्ति का वास बना रहता है। राखी बांधने के बाद भाई यथाशक्ति बहन को कुछ न कुछ उपहार जरूर दें। भद्रा काल में राखी हरगिज न बांधें। इससे भाई के जीवन पर बुरा असर पड़ता है।

29 को मनाई जाएगी श्रावणी
30 अगस्त को श्रवण नक्षत्र न मिलने और दिन भर भद्रा रहने की वजह से इस बार श्रावणी का पर्व 29 अगस्त को ही मनाया जाएगा। श्रावणी उपाकर्म करने वाले गंगा तटों पर सुबह घुटने भर जल में खड़े होकर मनसा, वाचा और कर्मणा से पापों के प्रायश्चित के लिए जतन करेंगे। 
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