Prayagraj : प्रथम स्नान से पहले सूबेदारगंज पुल पर फर्राटा भरेंगे वाहन, 31 दिसंबर से पहले शुरू हो जाएगी एक लेन
जीटी रोड महिला ग्राम से लेकर राजरूपपुर स्थित जागृति चौराहे तक पुल का निर्माण हो रहा है। सूबेदारगंज रेल पुल के निर्माण में 350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। जिसमें सेना की भूमि अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को 70 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर देने पड़े हैं।
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सेतु निगम का दावा है कि 31 दिसंबर से पहले सूबेदारगंज पुल की एक लेन यातायात के लिए उपलब्ध रहेगी। वहीं, मकर संक्रांति स्नान पर्व से पहले पूरा पुल बनकर तैयार हो जाएगा। शहर से एयरपोर्ट को जोड़ने में इस पुल का विशेष महत्व है। अगर देखा जाए तो जनपद में बन रहे नौ रेल पुलों में सूबेदारगंज पुल का काम काफी देर से शुरू हुआ था। खासतौर से चौफटका की तरफ का काम। निर्माण में देरी का सबसे बड़ा कारण सेना की भूमि अधिग्रहण में देरी होना है।
जीटी रोड महिला ग्राम से लेकर राजरूपपुर स्थित जागृति चौराहे तक पुल का निर्माण हो रहा है। सूबेदारगंज रेल पुल के निर्माण में 350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। जिसमें सेना की भूमि अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को 70 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर देने पड़े हैं।
इस फोर लेन पुल की लंबाई 1650 मीटर है। पुल के बनने से सिविल लाइंस से एयरपोर्ट जाने वाले लोग महिलाग्राम के बगल से फोर लेन फ्लाईओवर पर चढ़ सकेंगे। इसके अलावा कालिंदीपुरम-झलवा-पीपलगांव ट्रिपल आईटी संस्थान-एयरपोर्ट एवं देवघाट झलवा आवागमन में सुगमता हो जाएगी। शहर पश्चिमी में विकास के साथ-साथ व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। महाकुंभ को देखते हुए एक लेन 31 दिसंबर तक और पुल को पूरी तरह से 14 जनवरी से पहले शुरू कर दिया जाएगा।
पुल का काम काफी तेजी से चल रहा है। महाकुंभ के प्रथम स्नान पर्व से पहले पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए पुल की एक लेन 31 दिसंबर से शुरू कर दी जाएगी। - मनोज अग्रवाल, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम