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प्रयागराज में सोशल मीडिया पर शांत रहे बयानवीर, कड़ी नजर थी पुलिस की
Sun, 10 Nov 2019 02:27 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2019 02:27 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pxhere.com
अयोध्या मुद्दे पर फैसला आने से पहले और बाद में सोशल मीडिया पर पुलिस की कड़ी नजर रही। फैसले के बाद फेसबुक और ट्विटर पर एक एक पोस्ट और ट्वीट की स्क्रूटनी की गई। इस दौरान तमाम आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत संबंधित व्यक्ति को फोन करचेतावनी दी गई। जिले में मुट्ठीगंज, करेली के दो लोगों पर जहां मुकदमा दर्ज हुआ। वहीं नवाबगंज के रहने वाले एक शख्स को भी चेतावनी दी गई।
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अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के शनिवार को फैसले के बाद सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों की भी 24 घंटे निगरानी शुरू करा दी गई। इसके तहत सोशल मीडिया मसलन फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर व इंस्टाग्राम पर पोस्ट या भेजे जाने वाले हर संदेश पर नजर रखी जा रही है।
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अफसरों ने बताया कि फेसबुक पर होने वाली हर पोस्ट, ट्विटर पर होने वाली हर ट्वीट व व्हाट्सएप पर भेजे जाने वाले संदेशों को सोशल मीडिया सेल के आठ लोग कड़ी नजर रखे थे। दिन में मुट्ठीगंज, करेली के दो यूजरों के अकाउंट से आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने के बाद पुलिस ने तुरंत उनसे संपर्क किया।
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मुट्ठीगंज में वीनस केसरी नाम के फेसबुक यूजर के बारे में पता चला कि वह आर्यकन्या चौराहे के पास का रहने वाला है। जिसके बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में यह भी पता चला कि वह वर्तमान में भोपाल में है। उधर करेली के एक यूजर ने भी फेसबुक पर आपत्तिजनक कमेंट किया जिसके बाद एसएसपी ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
इसके बाद नवाबगंज के एक यूजर की ओर से भी आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने की जानकारी मिली। संपर्क करने पर संबंधित यूजर ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली और तुरंत पोस्ट को हटा लिया। जिसके बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
यह पुलिस की सख्ती ही थी कि फेसबुक के पेशेवर बयानवीर इस मामले पर लगभग शांत रहे। बयानवीरों के फेसबुक एकाउंट पर पुलिस ने अलग से नजर रखी थी। व्हाट्सएप ग्रुपों पर नजर रखने के लिए भी एक टीम काम कर रही थी। ग्रुप में तो नहीं लेकिन पर्सनल पर तमाम लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी भावनाओं का खुलकर इजहार किया।
एसएसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर लगातार बनी रहेगी। जिसने भी समाज में विद्वेेष फैलाया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शासन से साफ निर्देश हैं कि अफवाह फैलाने वालों को बख्शा न जाय। न सिर्फ आपत्तिजनक पोस्ट पर कार्रवाई होगी बल्कि उस पर आपत्तिजनक कमेंट करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
अधिकांश एडमिन ने ग्रुप को किया पर्सनल
प्रयागराज। व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाने वाले अधिकांश एडमिन ने फैसला आने से पहले ही ग्रुप को पर्सनल कर दिया था। दरअसल ग्रुप में तमाम ऐसे लोग भी शामिल रहते हैं जिन्हें एडमिन पर्सनल नहीं जानते। अगर जानते भी हैं तो किसी ने आपत्तिजनक कुछ लिख या शेयर कर दिया तो एडमिन ही फंसते। इस कारण शुक्रवार की रात से ही तमाम व्हाट्सएप ग्रुप को एडमिन ने पर्सनल कर दिया था।