फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Banks got stamps in their names from borrowers, now payment stuck

परेशानी : कर्ज लेने वालों से बैंकों ने अपने नाम मंगवाए स्टांप, अब फंसा भुगतान

Thu, 20 Jan 2022 06:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Jan 2022 06:59 PM IST
सार

लोन लेने पर  बैंक के साथ होने वाले करार से संबंधित दस्तावेजों के साथ स्टांप भी लगाना होता है। स्टांप पेपर कर्ज ली गई राशि के 0.50 प्रतिशत या अधिकतम 10 हजार रुपये के होते हैं। कई बार बैंक अपने नाम पर स्टांप मंगा लेते हैं।

विज्ञापन
Banks got stamps in their names from borrowers, now payment stuck
सांकेतिक चित्र - फोटो : Social Media

विस्तार

बैंक से लोन लेने के दौरान छोटी सी चूक कई लोगों भारी पड़ गई है। करार से संबंधित दस्तावेजों केसाथ लगाने के लिए बैंक के नाम पर स्टांप लेने वालों को अब भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस तरह के ज्यादा मामले सामने आने के बाद निबंधन कार्यालय की ओर से आश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही ग्राहकों को जागरूक करने की योजना बनाई गई है कि लोग अपने नाम पर स्टांप लें।

विज्ञापन



लोन लेने पर  बैंक के साथ होने वाले करार से संबंधित दस्तावेजों के साथ स्टांप भी लगाना होता है। स्टांप पेपर कर्ज ली गई राशि के 0.50 प्रतिशत या अधिकतम 10 हजार रुपये के होते हैं। कई बार बैंक अपने नाम पर स्टांप मंगा लेते हैं। यह नियम विरूद्ध तो नहीं है लेकिन किन्हीं कारणों से लोन नहीं लेने या अस्वीकार होने पर स्टांप शुल्क की राशि फंस जाती है।
विज्ञापन



विगत तीन महीनों में ऐसे करीब एक दर्जन मामले आए हैं, जिनका भुगतान रोक दिया गया है। चूंकि अब ई-स्टांप लिए जाते हैं। ऐसे में लोन निरस्त होने पर स्टांप की राशि संबंधित के खाते में ट्रांसफर की जाती है। ऐसे में जिन लोगों ने बैंक के नाम पर स्टांप लिया है उनके भुगतान रोक दिए गए हैं। ऐसे ज्यादा मामले सामने आने के बाद निबंधन कार्यालय की तरफ़ से स्टांप विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि आवेदक के नाम पर ही स्टांप जारी करें।
विज्ञापन
विज्ञापन



बैंक प्रबंधकों को भी इस बाबत निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों को जागरूक करने की योजना बनाई गई है। एआईजी स्टांप पीएन सिंह का कहना है कि ऐसे मामले आए हैं। बैंक के नाम पर स्टांप होने के कारण उन्हें भुगतान नहीं हो पा रहा। इस स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।



अधिक मूल्य के स्टांप मंगाने की भी आशंका
बैंकों के नाम पर स्टांप लिए जाने पर ठगी का शिकार होने की भी आशंका रहती है। एक वरिष्ठ अफसर का कहना है कि बैंक के अधिकारी कई बार अधिक मूल्य का स्टांप मंगा लेते हैं। उसका इस्तेमाल वे अपनी जरूरत के अनुसार कहीं और कर लेते हैं। लोन लेने वाले अपने नाम पर स्टांप लें तो इससे भी बचा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed