{"_id":"6036651c348be73cf675dcda","slug":"ban-on-interference-in-religious-activities-of-christian-society","type":"story","status":"publish","title_hn":"मसीही समाज की धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मसीही समाज की धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करने का आदेश
Wed, 24 Feb 2021 08:11 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 24 Feb 2021 08:11 PM IST
विज्ञापन
court
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नवाबगंज थाने की पुलिस को पचदेवरा अटरामपुर की मसीही संस्था मसीह संगत प्रार्थना आश्रम की धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने डीएम और एसएसपी प्रयागराज से कहा है कि वह सुनिश्वित करें कि नवाबगंज थाने की पुलिस या अन्य कोई धार्मिक कार्य में हस्तक्षेप नहीं करे।
मसीह संगत प्रार्थनासभा के मैनेजिंग ट्रस्टी राम सेवक की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की पीठ ने सुनवाई की। याची का कहना था कि नवाबगंज थाने की पुलिस संस्था द्वारा संचालित की जाने वाली प्रार्थना में हस्तक्षेप कर रही है जो कि याची के संविधान में मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
याची ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से भी की है मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए डीएम और एसएसपी को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि याची की संस्था द्वारा की जा रही धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप न किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मसीह संगत प्रार्थनासभा के मैनेजिंग ट्रस्टी राम सेवक की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की पीठ ने सुनवाई की। याची का कहना था कि नवाबगंज थाने की पुलिस संस्था द्वारा संचालित की जाने वाली प्रार्थना में हस्तक्षेप कर रही है जो कि याची के संविधान में मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
विज्ञापन
याची ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से भी की है मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए डीएम और एसएसपी को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि याची की संस्था द्वारा की जा रही धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप न किया जाए।
विज्ञापन