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नाबालिग अनुसूचित जाति की लड़की से दुराचार के आरोपी की जमानत मंजूर
Mon, 21 Jun 2021 08:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 21 Jun 2021 08:01 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एससीएसटी एक्ट व पाक्सो एक्ट के तहत अपराधों सहित दुराचार के आरोपी की अपील मंजूर कर ली है और उसे सशर्त जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि तीन सह अभियुक्तों को पहले से जमानत मिल चुकी है और याची साढे तीन साल से जेल में बंद है। मेडिकल जांच रिपोर्ट व पीड़िता के बयान मेल नहीं खाते । ऐसे में याची जमानत पाने का हकदार है।
यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने शिव राम की अपील पर दिया है। अपीलार्थी के वकील का कहना था कि पीडिता के पिता ने 28 जनवरी 17 को आगरा के एतमादुद्दौला थाने में अभियुक्त पवन पर अपने बेटी को 12 जनवरी को भगा ले जाने और साथियों के साथ गुडगांव मे सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। 27 जनवरी को बरामदगी के बाद एफ आई आर दर्ज करायी गई।
पीड़िता ने अपने बयान में सह अभियुक्तों पवन, प्रेम सिंह व विक्रांत पर दुराचार का आरोप नहीं लगाया किन्तु अपीलार्थी पर दुराचार करने का आरोप लगाया है।मेडिकल जांच रिपोर्ट में दुष्कर्म को नकार दिया गया है।तीनों सह अभियुक्त जमानत पर है।कोर्ट ने याची को भी स शर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने शिव राम की अपील पर दिया है। अपीलार्थी के वकील का कहना था कि पीडिता के पिता ने 28 जनवरी 17 को आगरा के एतमादुद्दौला थाने में अभियुक्त पवन पर अपने बेटी को 12 जनवरी को भगा ले जाने और साथियों के साथ गुडगांव मे सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। 27 जनवरी को बरामदगी के बाद एफ आई आर दर्ज करायी गई।
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पीड़िता ने अपने बयान में सह अभियुक्तों पवन, प्रेम सिंह व विक्रांत पर दुराचार का आरोप नहीं लगाया किन्तु अपीलार्थी पर दुराचार करने का आरोप लगाया है।मेडिकल जांच रिपोर्ट में दुष्कर्म को नकार दिया गया है।तीनों सह अभियुक्त जमानत पर है।कोर्ट ने याची को भी स शर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
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