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स्वामी चिन्मयानन्द की जमानत अर्जी पर कोर्ट ने किया जवाब तलब, सुनवाई 8 नवंबर को

Wed, 30 Oct 2019 06:34 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 30 Oct 2019 06:34 PM IST
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Bail application of Swami Chinmayanand summoned, hearing on 8 November
स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एलएलएम छात्रा से दुराचार के आरोपी स्वामी चिन्मयानन्द की जमानत अर्जी पर राज्य सरकार व पीड़िता से जवाब मांगा है। अर्जी की सुनवाई 8 नवम्बर को होगी।

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यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने दिया है। स्वामी चिन्मयानन्द उर्फ कृष्ण पाल सिंह की अर्जी पर वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार ने बहस की। इनका कहना है कि स्वामी पर दुराचार का आरोप ही नहीं है। जिन धाराओं में आरोप है उनमें तीन से पांच साल तक की सजा हो सकती है।
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दूसरी तरफ पीड़िता के पिता स्वयं अपराधी हैं। कभी टीइटी बनकर अवैध वसूली की तो कभी बिजली अभियंता बन लोगों से मीटर लगाने के नाम पर अवैध वसूली की। दोनों मामलों में आरोप पत्र दाखिल हैं। 
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पीड़िता ने स्वामी को ब्लैकमेल करने की योजना आठ माह पहले तैयार की। चश्मे में कैमरा लगाया और मालिश करने का वीडियो बनाया। पांच करोड़ की रंगदारी की मांग की। जिस मामले की भी एसआईटी जांच कर रही है।

पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में रेप का आरोप नहीं लगाया और पिता से मिलने के बाद सोच विचार कर दिल्ली के लोधी कॉलोनी थाने में रेप के आरोप में शिकायत की है। जिसकी जांच जारी है। वाट्सएप पर धमकी देना व रंगदारी मांगने का आईटी एक्ट के तहत अपराध को स्वीकार भी किया है। जो भी साक्ष्य हैं मूल कैमरा न मिल पाने के कारण अपराध साबित करने के लिए स्वीकार्य नहीं है।


पीड़िता चश्मे पर लगा कैमरा नहीं दे रही है। स्वामी पर दुराचार का केस नहीं बनता है। ऐसे में उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए।

पीड़िता के वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरण जैन ने याची अधिवक्ता के तर्क मनगढ़ंत हैं। जमानत अर्जी के साथ कोई दस्तावेज नहीं लगाए हैं। शासकीय अधिवक्ता एस के पाल का कहना था कि दोनों ने ही गड़बड़ की है।

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