{"_id":"6970b5b56ac5432ab006b10a","slug":"bail-application-of-accused-in-murder-case-of-army-man-rejected-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Court News : सेना में कार्यरत युवक की हत्या मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Court News : सेना में कार्यरत युवक की हत्या मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Wed, 21 Jan 2026 04:47 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 21 Jan 2026 04:47 PM IST
सार
जिला अदालत ने सेना में कार्यरत युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने दिया।
विज्ञापन
अदालत का आदेश
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला अदालत ने सेना में कार्यरत युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने दिया। चाका नैनी निवासी आरोपी राजीव कुमार ठाकुर के खिलाफ करछना थाने में मृतक के पिता उमाकांत सिंह ने भीड़ द्वारा की गई हत्या (मॉब लिंचिंग) और दंगा फैलाने जैसे गंभीर मामले में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
वादी उमाकांत सिंह ने आरोप लगाया है कि उनका 30 वर्षीय बेटा विवेक सिंह भारतीय सेना में था और अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होने घर आया था। 29 और 30 नवंबर 2025 की रात करीब दो बजे वह मित्र संग कार से घर लौट रहा था। इसी दौरान धरवारा मोड़ के पास स्कॉर्पियो में सवार लोगों ने उसकी गाड़ी रोक ली। आरोपी और उसके साथियों ने एकजुट होकर विवेक को कार से बाहर खींच लाए और लात-घूसों से पीटने लगे। इसके बाद लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया गया। गंभीर रूप से घायल विवेक को पहले प्रयागराज के अस्पताल और बाद में लखनऊ के मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया। जहां एक दिसंबर 2025 को उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
बचाव पक्ष कि ओर से दलील दी गई कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। एफआईआर देर से दर्ज की गई है, साक्ष्य विरोधाभासी हैं। उसकी कोई स्पष्ट भूमिका नहीं है। यह भी कहा गया कि आरोपी भारतीय सेना में कार्यरत एक अनुशासित जवान है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं, सरकारी वकील और वादी के निजी अधिवक्ता ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह प्रत्यक्षदर्शी घटना है और सभी आरोपी मिलकर हत्या में शामिल थे। मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला जानलेवा हमले में बदल गया। कोर्ट ने आरोपी राजीव कुमार ठाकुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन