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एक्सिस बैंक घोटाला : ईडी के रडार पर पूर्व बैंक अफसर की सात लग्जरी गाड़ियां

Sat, 05 Dec 2020 01:19 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 05 Dec 2020 01:19 AM IST
सार


2017 में सामने आया था मामला
अप्रैल 2017 में एक्सिस बैंक की सिविल लाइंस शाखा में शुआट्स के खाते से 22.37 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। बैंक में संस्थान के तीन खाते थे। आरोप है कि कमाल एहसान ने गलत तरीके से महज चेक नंबर के जरिये इन खातों से करोड़ों रुपयों की निकासी की। यह भी आरोप है कि उसे चेक नंबर शुआट्स कर्मचारी राजेश ने उपलब्ध कराए। मामला सामने आने पर तत्कालीन बैंक मैनेजर ने दोनों पर केस दर्ज कराया था।

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Axis Bank Scam: Seven luxury cars of former bank officer on ED's radar
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

एक्सिस बैंक में शुआट्स के खाते से 22.37 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी कमाल एहसान की सात लग्जरी गाड़ियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर हैं। ईडी की टीम ने शुक्रवार को आरटीओ दफ्तर पहुंचकर इन गाड़ियों से संबंधित दस्तावेज खंगाले। साथ ही उनकी प्रतियां भी कब्जे में लीं। इन गाड़ियों के बारे में आशंका है कि वह गबन की रकम से खरीदी गईं। फिलहाल टीम जांच पड़ताल में जुटी है।
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एक्सिस बैंक घोटाले में पूर्व बैंक अफसर कमाल एहसान इसी साल नौ नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। जिसे रिमांड पर लेकर भी ईडी पूछताछ कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच पड़ताल में ईडी को सात ऐसी लग्जरी गाड़ियों के बारे में पता चला जो आरोपी से संबंधित हैं। इनमें से कुछ वर्तमान में उसके नाम पर हैं तो कुछ पूर्व में उसके नाम पर थीं, जिनका मौजूदा मालिक कोई और है। इन्हीं सात गाड़ियों के रिकॉर्ड खंगालने शुक्रवार को ईडी की टीम आरटीओ कार्यालय पहुंची।
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टीम में लखनऊ के साथ ही जिले में स्थित ईडी के सब जोनल कार्यालय के भी अफसर शामिल रहे। टीम ने आरटीओ कार्यालय में संबंधित गाड़ियों के दस्तावेजों की गहनता से छानबीन की। साथ ही इनकी प्रतियां भी कब्जे में ले लीं। सूत्रों के मुताबिक, ईडी अफसरों का आशंका है कि सभी सातों गाड़ियां गबन की रकम से ही खरीदी गई। जिन्हें खुद पर शिकंजा कसता देख आरोपी अफसर ने दूसरों को बेच दिया या उनके नाम कर दिया।
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माना जा रहा है कि रिकॉर्ड खंगालने के बाद ईडी की टीम वाहनों के मौजूदा मालिकों से भी पूछताछ कर सकती है। जिसमें इसका भी पता लगाया जाएगा कि वाहनों को खरीदने के दौरान उनकी आय क्या थी और उसका स्रोत क्या था। बता दें कि गिरफ्तार करने से पहले इसी साल जुलाई में ईडी ने कमाल के करेली स्थित डेढ़ करोड़ के मकान का सीज किया था। उसके घर के ठीक सामने स्थित इस मकान के बारे में जानकारी मिली थी कि वह गबन की रकम से खरीदा गया।

पिछले साल दर्ज किया था मनी लांड्रिंग का केस

एक्सिस बैंक घोटाले में ईडी ने पिछले साल आरोपियों की 4.58 करोड़ की संपत्ति सीज की थी। इसमें अचल संपत्तियों के साथ ही म्यूचुअल फंड निवेश व बैंक बैलेंस से संबंधित रकम शामिल थी। ईडी ने सिविल लाइंस थाने में एक्सिस बैंक  के पूर्व अफसर कमाल एहसान व शुआट्स कर्मी राजेश कुमार पर दर्ज रिपोर्ट के आधार पर पिछले साल प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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