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वित्तीय खर्चों पर कार्य परिषद ने लगाई मुहर
Mon, 12 Oct 2020 01:56 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2020 01:56 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
- फोटो : अमर उजाला
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के वित्तीय वर्ष 2019-20 में हुए खर्चों पर बृहस्पतिवार को इविवि की कार्य परिषद ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी। फाइनेंस कमेटी के निर्णयों को मंजूरी मिलने के बाद इविवि प्रशासन की ओर से खर्च का ब्यौरा अब भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) को भेजा जाएगा। बैठक में तकरीबन 400 करोड़ रुपये का आय-व्यय बजट मंजूर किया गया।
कार्य परिषद से पहले छह अक्तूबर को फाइनेंस कमेटी की ऑनलाइन बैठक हुई थी, जिसमें कमेटी ने बीते वित्तीय वर्ष में हुए खर्चों से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। फाइनेंस कमेटी के निर्णयों पर कार्य परिषद की अंतिम मुहर के बाद ही खर्च का ब्यौरा सीएजी को भेजा जाता है, सो बृहस्पतिवार को कार्य परिषद की बैठक बुलाकर फाइनेंस कमेटी के निर्णयों पर मुहर लगा दी गई।
बैठक एकमात्र इसी एजेंडे पर बुलाई गई थी और कार्य परिषद के सदस्यों को ईमेल के माध्यम से एजेंडे की कॉपी भेजी गई थी। एजेंडे की हार्डकॉपी न भेजे जाने पर बाहरी सदस्यों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इससे पूर्व मार्च में कार्य परिषद की बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 के कारण यह बैठक स्थगित कर दी गई थी।
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इस बैठक के एजेंडे में पत्राचार संस्थान कर्मियों से जुड़े मामले पर भी चर्चा होनी थी। साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी एजेंडे में शामिल किया गया था। लेकिन, यह बैठक अब तक नहीं हो सकी। इस बैठक के एजेंडे में कई ऐसे बिंदु शामिल थे, जिस पर नीतिगत निर्णय होने हैं और ये निर्णय स्थायी कुलपति को ही लेने हैं। ऐसे में संबंधित बिंदुओं पर निर्णय लेने के लिए अब स्थायी कुलपति की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा है। इविवि में स्थायी कुलपति का पद नौ माह से अधिक समय से खाली हैं और स्थायी कुलपति न होने के कारण ही कई महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े निर्णय अटके हुए हैं।
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कार्य परिषद से पहले छह अक्तूबर को फाइनेंस कमेटी की ऑनलाइन बैठक हुई थी, जिसमें कमेटी ने बीते वित्तीय वर्ष में हुए खर्चों से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। फाइनेंस कमेटी के निर्णयों पर कार्य परिषद की अंतिम मुहर के बाद ही खर्च का ब्यौरा सीएजी को भेजा जाता है, सो बृहस्पतिवार को कार्य परिषद की बैठक बुलाकर फाइनेंस कमेटी के निर्णयों पर मुहर लगा दी गई।
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बैठक एकमात्र इसी एजेंडे पर बुलाई गई थी और कार्य परिषद के सदस्यों को ईमेल के माध्यम से एजेंडे की कॉपी भेजी गई थी। एजेंडे की हार्डकॉपी न भेजे जाने पर बाहरी सदस्यों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इससे पूर्व मार्च में कार्य परिषद की बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 के कारण यह बैठक स्थगित कर दी गई थी।
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इस बैठक के एजेंडे में पत्राचार संस्थान कर्मियों से जुड़े मामले पर भी चर्चा होनी थी। साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी एजेंडे में शामिल किया गया था। लेकिन, यह बैठक अब तक नहीं हो सकी। इस बैठक के एजेंडे में कई ऐसे बिंदु शामिल थे, जिस पर नीतिगत निर्णय होने हैं और ये निर्णय स्थायी कुलपति को ही लेने हैं। ऐसे में संबंधित बिंदुओं पर निर्णय लेने के लिए अब स्थायी कुलपति की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा है। इविवि में स्थायी कुलपति का पद नौ माह से अधिक समय से खाली हैं और स्थायी कुलपति न होने के कारण ही कई महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े निर्णय अटके हुए हैं।