अतीक अहमद व अशरफ हत्याकांड के शूटरों से कस्टडी रिमांड के पहले दिन दो राउंड में पूछताछ हुई। हत्या की वजह पूछने पर उन्होंने फिर अपना पुराना बयान दोहराया कि वह नाम कमाना चाहते थे। हालांकि जब उनसे स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) अफसरों ने पूछा कि वह किसी और को भी चुन सकते थे और उन्होंने अतीक व अशरफ को ही क्यों टारगेट किया, तो तीनों ने चुप्पी साध ली।
Atique Murder Case : शूटरों से सवालों की बौछार, अतीक-अशरफ को ही क्यों चुना टारगेट, किसने दिलाई विदेशी पिस्टल
अतीक अहमद व अशरफ हत्याकांड के शूटरों से कस्टडी रिमांड के पहले दिन दो राउंड में पूछताछ हुई। हत्या की वजह पूछने पर उन्होंने फिर अपना पुराना बयान दोहराया कि वह नाम कमाना चाहते थे।
किसने महैया कराईं लाखों की पिस्टल?
एसआईटी अफसरों ने तीनों शूटरों से यह भी पूछा कि उनके पास सात से आठ लाख मूल्य वाली जिगाना व गिरसान पिस्टलें कहां से आईं। गौरतलब है कि इन दोनों पिस्टलों के साथ एक देशी पिस्टल आरोपियाें के कब्जे से बरामद हुई है। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में भी तीनों गोलमोल जवाब ही देते रहे। फिलहाल उन्हाेंने उस शख्स का नाम नहीं कबूला, जिसने उन्हें असलहे मुहैया कराए थे।
यह भी रहे सवाल
- तुम लोगों के मोबाइल फोन कहां हैं? मोबाइल नहीं है तो आपस में कैसे संपर्क करते थे?
- प्रयागराज कब आए और कहां ठिकाना बनाया? इसमें किसने मदद की?
- तीनों पहली बार कब और कहां मिले?
- अतीक-अशरफ के अस्पताल लाए जाने की खबर कैसे मिली?
- घटनास्थल तक कैसे, कितनी देर पहले पहुंचे?
- वीडियो कैमरा व माइक आईडी कहां से लाए?
- इससे पहले कभी प्रयागराज आए थे?
- अतीक-अशरफ को मारने के लिए घटनास्थल के रूप में अस्पताल ही क्यों चुना?
- वारदात की प्लानिंग कब और कहां हुई?
- तीनों के अलावा भी कोई शामिल है साजिश में?
- कस्टडी रिमांड में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद क्यों लिया इतना बड़ा खतरा?
- पुलिस जवाबी फायरिंग करती तो मारे जाते, क्या कभी डर नहीं लगा?
आज घटनास्थल पर हो सकता है सीन रिक्रिएशन
कस्टडी रिमांड के दूसरे दिन पुलिस तीनों शूटरों को लेकर घटनास्थल कॉल्विन अस्पताल पहुंच सकती है। यहां वास्तविक स्थिति जानने के लिए क्राइम सीन रिक्रिएशन भी किया जा सकता है। इसके अलावा वारदात का वीडियो फुटेज दिखाकर भी आरोपियों से सवाल जवाब किए जा सकते हैं।
फोरेंसिक टीम ने लिए फिंगर प्रिंट के नमूने
सूत्रों का कहना है कि विवेचना के दौरान एसआईटी शूटरों के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य भी एकत्र करने में जुट गई है। इसके तहत फोरेंसिक टीम ने आरोपियों के फिंगर प्रिंट के नमूने भी लिए। जल्द ही इन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।