शहर में 16 वर्ष पहले हुए मदरसा कांड को शायद ही कोई शख्स भूला हो। मदरसे की दो लड़कियों के साथ की गई हैवानियत ने पूरे प्रदेश सहित जिले को हिलाकर रख दिया था। इस घटना ने अतीक की राजनीतिक छवि को खासा नुकसान पहुंचाया। नतीजा यह हुआ कि अतीक दोबारा कभी कोई चुनाव नहीं जीता। खास यह है कि इस कांड के आरोपी आज तक नहीं पकड़े जा सके हैं।
अतीक अहमद : मदरसा कांड ने लगाया था अतीक के सियासी सफर पर ग्रहण, फिर कभी नहीं जीता चुनाव
शहर में 16 वर्ष पहले हुए मदरसा कांड को शायद ही कोई शख्स भूला हो। मदरसे की दो लड़कियों के साथ की गई हैवानियत ने पूरे प्रदेश सहित जिले को हिलाकर रख दिया था। इस घटना ने अतीक की राजनीतिक छवि को खासा नुकसान पहुंचाया।
लड़कियों को उठा ले गए थे जंगल में
बेबस लड़कियों के सामने और कोई चारा नहीं था। बंदूकधारी दरिंदों ने उनमे से दो नाबालिग लड़कियों को चुना और अपने साथ ले जाने लगे। लड़कियां उनके पैरों में गिर गईं। रहम की भीख मांगी लेकिन शैतानों का दिल नहीं पसीजा। वे दोनों लड़कियों को उठा ले गए। बाहर उनके साथ दो लोग और शामिल हो गए। कुल पांच लोगों ने आगे नदी के किनारे दोनों लड़कियों के साथ कई कई बार दुष्कर्म किया। दोनों लड़कियों को सुबह होने से पहले लहूलुहान हालत में मदरसे के दरवाजे पर फेंक बदमाश भाग निकले।
सीबीआई जांच कराने का दिया था आश्वासन
अगले दिन इस शर्मनाक कांड को छिपाने की पुरजोर कोशिश की गई। पुलिस ने सिर्फ छेड़खानी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन घटना सुर्खियों में आने के बाद दो दिन बाद गैंगरेप समेत संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। इस कांड में अशरफ के गुर्गों के शामिल होने के आरोप लग रहे थे। दो दिन बाद बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ से ही एलान कर दिया कि इस कांड में सत्ता से जुड़े कुछ नेता और उनके गुर्गे शामिल हैं। उनकी सरकार आई तो वे सीबीआई जांच कराएंगी।
अतीक अहमद के पराभव में मदरसा कांड की भी अहम भूमिका रही। जांच में अतीक और अशरफ की सीधी संलिप्तता का तो नहीं पता चला था लेकिन पुलिस सूत्रों ने बताया था कि असली आरोपियों को बचाने में अशरफ ने अपने रसूख का इस्तेमाल किया था। शहर का यह ऐसा कांड था, जिसके बाद अतीक या उसके परिवार के किसी शख्स ने चुनाव नहीं जीता। इस कांड ने अतीक अपने लोगों का ही मान सम्मान और समर्थन खो दिया था।
अतीक पर 102 और अशरफ पर दर्ज थे 57 मुकदमे
प्रयागराज। अतीक की हिस्ट्रीशीट काफी लंबी थी। आईएस-227 गैंग के सरगना अतीक पर 102 मुकदमे दर्ज थे। उसके छोटे भाई अशरफ के खिलाफ 57 मुकदमे लिखे गए थे।