अतीक के शूटरों पर पुलिस मेहरबान : 2018 में दर्ज हुआ था गैंगस्टर का मुकदमा, अब तक नहीं हुई कुर्की
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ सहित कई शूटरों और करीबियों के सफाए के बाद उसके कई शूटर अभी तक पुलिस के कृपा पात्र बने हुए हैं। कई साल पहले गैंगस्टर के तहत कार्रवाई होने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इसको लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। अभी हाल ही में माफिया के बेहद करीबी आबिद प्रधान पर 50 लाख की रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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धूमनगंज में प्रॉपर्टी डीलर से 50 लाख रंगदारी मांगने का केस दर्ज होने के बाद से अतीक अहमद गैंग एक बार फिर सुर्खियाें में है। माफिया की मौत के बाद भी शूटरों की गुंडई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अतीक के शूटरों पर कार्रवाई को लेकर नरमी इस शहर में नई बात नहीं। हाल यह है कि माफिया के शॉर्प शूटरों की संपत्ति का पुलिस पांच साल में भी पता नहीं लगा पाई है। जिससे गैंगस्टर के मुकदमे में कार्रवाई अटकी पड़ी है।
यह मुकदमा अक्तूबर 2018 में दर्ज हुआ था। इसमें अतीक के 14 गुर्गों को आरोपी बनाया गया था। जिसमें उसके तीन शॉर्प शूटर आबिद प्रधान, फरहान व तोता का नाम भी शामिल है। यह मुकदमा तत्कालीन इंस्पेक्टर धूमनगंज संदीप मिश्रा की ओर से दर्ज कराया गया था। तहरीर में उन्होंने लिखा था कि आरोपी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं। इस गैंग का लीडर आबिद है। गैंग के सभी सदस्य अतीक अहमद के सहयोगी हैं।
मुकदमा दर्ज होने के बाद इसकी विवेचना सिविल लाइंस थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह को मिली। विवेचना पूरी कर मुकदमे में चार्जशीट भी लगा दी गई लेकिन पुलिस शूटरों समेत सभी आरोपियों में से एक की भी संपत्ति नहीं खोज पाए। यह हाल एक-दो नहीं बल्कि सभी विवेचकों का रहा।
नतीजतन अतीक के कुख्यात सहयोगियों के खिलाफ पांच साल में भी गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1)के तहत कुर्की की कार्रवाई नहीं कर सकी। इस संबंध में जब धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य से बात की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इस मुकदमे की जानकारी नहीं है। इस बारे में देखकर ही कुछ बताया जा सकेगा।उधर एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार ने बताया कि फिलहाल उन्हें इस मुकदमे की जानकारी नहीं है। कार्यालय से पता किया जाएगा कि इसमेें अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
शूटरों के अलावा यह भी हुए थे नामजद
खालिद अजीम उर्फ अशरफ, अकबर, अबूबकर, माजिद, जावेद, एजाज अख्तर, शेरू, मुन्ना, पप्पू, फैसल, आसिफ। इनमें से अशरफ व अकबर की मौत हो चुकी है।
चार दिन बाद भी शूटर समेत सात आरोपी पकड़ से दूर
उधर प्रॉपर्टी डीलर अशरफ सिद्दीकी से 50 लाख गुंडा टैक्स मांगने के मामले में पुलिस के हाथ चार दिन बाद भी खाली हैं। 14 जून को प्राॅपर्टी डीलर ने आबिद प्रधान, फरहान समेत आठ लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरहान रंगदारी मांगने के ही एक अन्य मामले में चित्रकूट जेल में है जिसका बी वारंट तामील करा दिया गया है।
जल्द ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसका रिमांड बनवाया जाएगा। हालांकि आबिद व उसके दो भतीजों दानिश, जीशान के अलावा फैजान, अबूबकर, कमर हारून, जावेद का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।