अतीक हत्याकांड : जंक्शन के पास स्थित लॉज को बनाया था ठिकाना, पुलिस ने रात में दबिश देकर सीसीटीवी फुटेज
माफिया भाइयाें की हत्या में गिरफ्तार तीनों शूटरों ने जंक्शन के पास स्थित एक लॉज को ठिकाना बनाया था। कॉल्विन अस्पताल से, जहां यह वारदात हुई वहां से इस लॉज की दूरी बमुश्किल एक किमी है। तीनों हत्यारोपियों से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ।
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माफिया भाइयाें की हत्या में गिरफ्तार तीनों शूटरों ने जंक्शन के पास स्थित एक लॉज को ठिकाना बनाया था। कॉल्विन अस्पताल से, जहां यह वारदात हुई वहां से इस लॉज की दूरी बमुश्किल एक किमी है। तीनों हत्यारोपियों से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने लॉज में छापा मारकर गेस्ट रजिस्टर व सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिया है।
पुलिस अफसरों ने जब आरोपियों से पूछताछ शुरू की तो अहम जानकारियां मिलीं।
पता चला कि तीनों कस्टडी रिमांड मिलने के बाद से ही अतीक व अशरफ को मारने की फिराक में लगे थे। इसके तहत ही वह 14 अप्रैल को प्रयागराज पहुंच गए थे। उन्होंने जंक्शन स्थित एक लॉज में गेस्ट बनकर रूम किराये पर लिया था। इसके बाद वह मीडियाकर्मी बनकर अतीक व अशरफ की रेकी में लग गए थे। 14 अप्रैल की रात जब पुलिस दाेनों भाइयों को लेकर कौशाम्बी की ओर निकली, तब भी शूटर उनके पीछे लग गए थे। लेकिन मीडियाकर्मियों की भीड़ ज्यादा होने के चलते उन्हें मौका नहीं मिल सका और वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए।
उस दिन भी वह अतीक-अशरफ का पीछा करते हुए कॉल्विन अस्पताल तक आए थे। लेकिन यहां भी मीडिया का जबरदस्त जमावड़ा देखकर इरादा बदल दिया। इस बात की जानकारी मिलने के बाद देर रात ही पुलिस ने इस लॉज में छापा मारा। यहां गेस्ट रजिस्टर के साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला और इसे कब्जे में भी लिया। यही नहीं कर्मचारियों से पूछताछ भी की।
भीड़ कम होने से मिल गया मौका
शूटरों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 14 अप्रैल को नाकाम रहने के बाद 15 अप्रैल को एक बार फिर वह मौके की तलाश में लग गए। रात आठ बजे के करीब जब उन्हें खबर मिली कि दोनों भाइयों को फिर कॉल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा है, तो वह वहां पहुंच गए। वहां मीडियाकर्मियों की संख्या शुक्रवार के मुकाबले बेहद कम थी और ऐसे में उन्हें मौका मिल गया। इसके बाद अस्पताल में घुसते ही उन्होंने दोनों को गोलियों से भून दिया।