{"_id":"6461d3f25924ddc63b0f61a8","slug":"atiq-ashraf-murder-khan-saulat-big-revealing-in-interrogation-ali-had-told-saulat-send-umesh-location-to-assad-2023-05-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Atiq Ashraf Murder: सौलत का अब अतीक के इस बेटे को लेकर सनसनीखेज खुलासा, कहा- उसने असद को उमेश पाल की लोकेशन...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Atiq Ashraf Murder: सौलत का अब अतीक के इस बेटे को लेकर सनसनीखेज खुलासा, कहा- उसने असद को उमेश पाल की लोकेशन...
Mon, 15 May 2023 12:17 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 15 May 2023 12:17 PM IST
सार
माफिया अतीक अहमद के करीबी रहे वकील खान सौलत ने एक और सनसनीखेज खुलासा किया है। सौलत ने पूछताछ में बताया कि अतीक के बेटे अली ने कहा था कि उमेश की लोकेशन असद को भेज देना। उसने जेल से मैसेज भेजवाया था।
विज्ञापन
Atiq Ashraf Murder
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उमेश पाल हत्याकांड की जांच पड़ताल में आए दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में एक नया खुलासा हुआ है कि नैनी जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे अली ने सौलत से कहा था कि वह उमेश की तस्वीरें व लोकेशन असद को भेज दे। उसने अपने गुर्गों के जरिए यह मैसेज जेल से भेजवाया था।
पुलिस के सामने खुद सौलत ने यह खुलासा किया है। इससे पहले यह बात सामने आई थी कि असद को सौलत ने 19 फरवरी को अपने मोबाइल से उमेश की 10 तस्वीरें भेजी थीं। यह उमेश की हत्या से चार दिन पहले की बात है। यही तस्वीरें असद ने हत्याकांड में शामिल अन्य शूटरों को फॉरवर्ड की थीं।
पिछले दिनों सौलत को जब दूसरी बार कस्टडी रिमांड पर लिया गया तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। सूत्रों के मुताबिक, सौलत ने बयान किया कि उमेश की तस्वीरें व लोकेशन भेजने के लिए उसे अतीक के दूसरे नंबर के बेटे अली ने कहा था। अली ने जेल से मैसेज भेजवाया था कि उमेश की लोकेशन और उसकी तस्वीरों का इंतजाम किया जाए।
विज्ञापन
फिर इसे असद को दिया जाए। इसके बाद सौलत ने उमेश के फेसबुक अकाउंट से यह तस्वीरें निकाली थीं और फिर इसे आईफोन से असद के पास भेजा था। यह वही आईफोन है, जिसे पहली बार कस्टडी रिमांड पर लेने के दौरान धूमनगंज पुलिस को सौलत ने बरामद कराया था।
विज्ञापन
पुलिस के सामने खुद सौलत ने यह खुलासा किया है। इससे पहले यह बात सामने आई थी कि असद को सौलत ने 19 फरवरी को अपने मोबाइल से उमेश की 10 तस्वीरें भेजी थीं। यह उमेश की हत्या से चार दिन पहले की बात है। यही तस्वीरें असद ने हत्याकांड में शामिल अन्य शूटरों को फॉरवर्ड की थीं।
विज्ञापन
पिछले दिनों सौलत को जब दूसरी बार कस्टडी रिमांड पर लिया गया तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। सूत्रों के मुताबिक, सौलत ने बयान किया कि उमेश की तस्वीरें व लोकेशन भेजने के लिए उसे अतीक के दूसरे नंबर के बेटे अली ने कहा था। अली ने जेल से मैसेज भेजवाया था कि उमेश की लोकेशन और उसकी तस्वीरों का इंतजाम किया जाए।
विज्ञापन
फिर इसे असद को दिया जाए। इसके बाद सौलत ने उमेश के फेसबुक अकाउंट से यह तस्वीरें निकाली थीं और फिर इसे आईफोन से असद के पास भेजा था। यह वही आईफोन है, जिसे पहली बार कस्टडी रिमांड पर लेने के दौरान धूमनगंज पुलिस को सौलत ने बरामद कराया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि सौलत ने इससे संबंधित कुछ व्हाट्सएप चैट भी पुलिस को बरामद कराए हैं। जिससे साफ है कि उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में अली भी शामिल था। सूत्रों का यह भी कहना है कि पुलिस जल्द ही उसे आरोपी बना सकती है।
न्यायिक आयोग ने 21 पुलिसकर्मियों को जारी किया नोटिस
अतीक-अशरफ हत्याकांड की विवेचना में जुटे न्यायिक आयोग ने कार्रवाई तेज कर दी है। आयोग की ओर से 21 पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें उन्हें अपना बयान लिखित में दर्ज कराने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। आयोग की पांच सदस्यीय टीम जल्द ही एक बार फिर शहर आ सकती है।
जिन 21 पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें धूमनगंज थाने के वह पुलिसकर्मी शामिल हैं जो वारदात के दिन अतीक-अशरफ की सुरक्षा में तैनात थे। इनमें इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक शामिल हैं। इन सभी को नोटिस जारी कर बताया गया है कि वह अपना बयान लिखित में आयोग के समक्ष उपलब्ध कराएं। इसके लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया जाता है।
इसके बाद से संबंधित पुलिसकर्मी शपथपत्र तैयार कराने में जुट गए हैं। उधर आयोग मीडियाकर्मियों को भी बयान के लिए नोटिस जारी कर चुका है। इसके साथ ही जल्द ही कॉल्विन अस्पताल के उन डॉक्टरों को भी नोटिस जारी किया जाएगा, जो घटना के दिन वहां ड्यूटी पर तैनात थे। उधर कार्रवाई में आई तेजी को देखते माना जा रहा है कि आयोग जल्द ही फिर शहर आ सकता है।
एक महीने बीते, अब सिर्फ 30 दिन का वक्त
न्यायिक आयोग को अपनी जांच रिपोर्ट दो महीने में शासन को सौंपनी है। 16 अप्रैल को इसका गठन किया गया था। जिसके बाद एक महीने का वक्त बीत चुका है। अब आयेाग के पास एक महीने का समय और शेष है। गौरतलब है कि आयोग दो बार शहर आ चुका है। पांच सदस्यीय आयोग घटनास्थल के साथ ही धूमनगंज थाने का भी निरीक्षण कर चुका है। साथ ही तमाम आला अफसरों के साथ सर्किट हाउस में बैठक भी कर चुका है।