Atiq Ashraf Murder: न्यायिक आयोग की जांच में खुला संदिग्ध स्कॉर्पियो का राज, धूमनगंज थाने के तीन दरोगा थे सवार
15 अप्रैल 2023 को अतीक-अशरफ की हत्या के दौरान कॉल्विन अस्पताल के बाहर एक निजी स्कॉर्पियो मौजूद रहने की बात सामने आई थी। चर्चा थी कि दोनों को अस्पताल लाए जाने के दौरान यह स्काॅर्पियो पुलिस वाहन के पीछे चल रही थी। हालांकि, इसमें कौन सवार था और यह पुलिस वाहन के पीछे कैसे चल रही थी। इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई।
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अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद चर्चा का विषय बनी संदिग्ध स्कॉर्पियो का राज न्यायिक आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद खुला है। घटना से कुछ देर पहले ही कॉल्विन अस्पताल के बाहर यह गाड़ी देखी गई थी और फिर इसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई। पुख्ता सूत्रों का कहना है कि आयोग सदस्यों ने प्रत्यक्षदर्शियों से एक-एक कर पूछताछ की तो इस स्कॉर्पियो की हकीकत सामने आई। पता चला कि इसमें धूमनगंज थाने के तीन दरोगा सवार थे।
15 अप्रैल 2023 को अतीक-अशरफ की हत्या के दौरान कॉल्विन अस्पताल के बाहर एक निजी स्कॉर्पियो मौजूद रहने की बात सामने आई थी। चर्चा थी कि दोनों को अस्पताल लाए जाने के दौरान यह स्काॅर्पियो पुलिस वाहन के पीछे चल रही थी। हालांकि, इसमें कौन सवार था और यह पुलिस वाहन के पीछे कैसे चल रही थी। इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई। हत्याकांड के बाद से अब तक स्कॉर्पियो रहस्य बनी रही। अब न्यायिक आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद इसका राज खुला है। पता चला है कि स्कॉर्पियो अतीक-अशरफ की सुरक्षा के लिए ही लगाई गई थी और इसमें पुलिसकर्मी सवार थे।
बाहरी सुरक्षा घेरे में शामिल थी गाड़ी
न्यायिक आयोग ने जब अतीक-अशरफ की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों का एक-एक कर बयान दर्ज किया, तब यह राज खुला कि इसमें धूमनगंज थाने के तीन दरोगा विपिन यादव, प्रीत कुमार पांडेय व रणविजय सिंह सवार थे। गाड़ी प्रीत कुमार पांडेय चला रहे थे, जबकि विपिन व रणविजय इसमें बैठे हुए थे। इन लोगों ने अपने बयान में बताया है कि अस्पताल के बाहरी परिसर व आसपास के इलाके की सुरक्षा के लिए एक बाहरी घेरा बनाया गया था, जिसमें उन्हें तैनात किया गया था।
काफिले में तीन गाड़ियां थीं शामिल
रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि अतीक-अशरफ को धूमनगंज थाने से काॅल्विन अस्पताल ले जाने वाले काफिले में तीन गाड़ियां शामिल थीं। इनमें से बोलेरो, पुलिस जीप व एक स्कार्पियो थी। इनमें से सबसे पहले एक बोलेरो पीछे चल रही दूसरी गाड़ी को एस्कॉर्ट कर रही थी। बीच वाले वाहन में ही अतीक-अशरफ को बैठाया गया था, जबकि सबसे पीछे स्कॉर्पियो चल रही थी।
- माफिया भाइयों को अस्पताल ले जाने के दौरान बनाए गए थे दो सुरक्षा घेरे।
- एक घेरा अस्पताल के बाहर व आसपास की सुरक्षा में, जबकि दूसरा घेरा अतीक-अशरफ को अस्पताल के भीतर तक पहुंचाने के लिए था तैनात।
- दोनों को अस्पताल के भीतर लेकर जा रहे घेरे में 11 पुलिसकर्मी थे तैनात।
- बाहरी सुरक्षा घेरे में 10 पुलिसकर्मियों को किया गया था नियुक्त।
- सुरक्षा घेरे में तैनात रहे पुलिसकर्मियों ने खुद अपने बयान में आयोग को बताई हैं उपरोक्त बातें।