अतीक-अशरफ हत्याकांड : एसआईटी जेल में जाकर करेगी पूछताछ, कोर्ट से मांगेगी अनुमति
अतीक-अशरफ हत्याकांड की विवेचना एडीसीपी अपराध सतीश चंद्र की अध्यक्षता में गठित एसआईटी कर रही है। सीन रिक्रिएशन और पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर अभियुक्तों से पूछताछ के अलावा लगभग 60 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
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अतीक-अशरफ हत्याकांड में गिरफ्तार तीनों शूटरों से एक बार फिर पूछताछ की जाएगी। इस बार उन्हें घटना का सीसीटीवी व वीडियो फुटेज दिखाकर एक-एक बिंदु पर सवाल-जवाब किए जाएंगे। मामले की विवेचना कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है। जल्द ही इसके लिए कोर्ट से अनुमति भी मांगी जाएगी।
अतीक-अशरफ हत्याकांड की विवेचना एडीसीपी अपराध सतीश चंद्र की अध्यक्षता में गठित एसआईटी कर रही है। सीन रिक्रिएशन और पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर अभियुक्तों से पूछताछ के अलावा लगभग 60 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि विवेचना में कुछ ऐसे तथ्यों के संबंध में जानकारी मिली है, जिनके बारे में शूटरों से पूछताछ जरूरी है।
यह वे तथ्य हैं, जिनके संबंध में कस्टडी रिमांड के दौरान अभियुक्तों की ओर से एसआईटी को कोई जानकारी नहीं दी गई। घटना के सीसीटीवी व वीडियो फुटेज की गहनता से पड़ताल के दौरान यह तथ्य सामने आए हैं। इनके बारे में शूटरों से पूछताछ के दौरान बेहद अहम खुलासे हो सकते हैं। यही वजह है कि अब एसआईटी दोबारा उनसे पूछताछ की तैयारी में है।
इन सवालों का अब तक नहीं मिला जवाब
- शूटर घटनास्थल पर पहले से कैसे मौजूद थे?
- शूटरों को घटनास्थल यानी कॉल्विन अस्पताल के चप्पे-चप्पे की जानकारी आखिर कैसे मिली?
- अस्पताल के बाहर भी हमला कर सकते थे, भीतर क्यों की वारदात?
- पुलिस जवाबी कार्रवाई करती तो जान को भी खतरा था, फिर इतना बड़ा खतरा क्यों मोल लिया?
- नाम कमाना मकसद था तो अतीक-अशरफ को ही क्यों चुना?