Atiq-Ashraf Killed: कमरा नंबर 203 से खुलेगा मौत का राज, पुलिस को शूटरों के रूम से हाथ लगी यह अहम डिवाइस
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गोली मारकर मौत की नींद सुलाने वाले आरोपी शूटर प्रयागराज जंक्शन के सामने खुल्दाबाद थाने से चंद कदम की दूरी पर स्थित एक होटल स्टे इन में ठहरे थे। शनिवार को एसआईटी ने होटल में छापेमारी कर शूटरों के मोबाइल और चार्ज को बरामद कर लिया।
विस्तार
माफिया अतीक-अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटर खुल्दाबाद थाने के पास स्थित होटल स्टे-इन में ठहरे थे। इनका कमरा नंबर 203 था। तीनों 13 अप्रैल की रात करीब साढ़े आठ बजे होटल में दाखिल हुए थे। माफिया भाइयों की दोपहर में रिमांड मंजूर होने की खबर मिलते ही तीनों चित्रकूट से बस के जरिये प्रयागराज पहुंचे थे। इनके कमरे की तलाशी में दो फोन बरामद किए गए हैं।
हालांकि, इनके सिमकार्ड लापता हैं। पुलिस ने होटल के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) कब्जे में लेते हुए 15 दिन के भीतर आए मेहमानों की आईडी प्रूफ की कॉपी भी ली है। पुलिस इनसे भी पूछताछ कर सकती है। इस होटल से घटनास्थल (कॉल्विन हॉस्पिटल) की दूरी एक किलोमीटर है।।
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विशेष जांच दल (एसआईटी) की पांच दिन की कस्टडी रिमांड में तीनों शूटरों से अकेले और अलग-अलग कई चरणों में पूछताछ हुई है। इससे अतीक-अशरफ हत्याकांड को अंजाम देने की कड़ियां धीरे-धीरे जुड़ती जा रही हैं।
पूछताछ में पता लगा है कि तीनों शूटर पुराने शहर में खुल्दाबाद थाने के पास स्थित होटल स्टे-इन में ठहरे थे। इन्हें कमरा नंबर 203 आवंटित किया गया था। पुलिस की एक टीम शनिवार की दोपहर होटल में जांच करने पहुंची और मैनेजर व स्टॉफ से पूछताछ की।
तफ्तीश में पता लगा है कि चित्रकूट से तीनों शूटर 13 अप्रैल को रात 8:30 बजे प्रयागराज पहुंच गए थे। इसी दिन दोपहर करीब तीन बजे दोनों भाइयों की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजने का आदेश जारी हुआ था। यानी, रिमांड मंजूरी के लगभग पांच घंटे बाद। इसके बाद तीनों शूटर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे और फिर बेखौफ होकर खुल्दाबाद थाने के बगल स्थित होटल में जा ठहरे। शूटरों को प्रयागराज रवाना होने का आदेश किसने दिया था, अभी तक इसकी गुत्थी सुलझी नहीं है।
बरामद फोन में नहीं लगा था सिम
होटल के जिस कमरा नंबर 203 में रहते हुए शूटरों ने अतीक की रेकी की और फिर दो दिन बाद कॉल्विन हॉस्पिटल के गेट पर भून डाला, वहां की तलाशी में एक बैग मिला है। इस बैग में ही दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। हैरानी की बात है कि किसी भी फोन में सिम नहीं लगा है। बगैर सिम के फोन क्यों हैं, इस पर शूटर मौन हैं। सूत्रों का कहना है कि शूटरों की यह ध्यान भटकाने वाली चाल भी हो सकती है।
पुलिस ने होटल का सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला। इसके साथ ही कर्मचारियों से पूछताछ करने के बाद पिछले 15 दिन के भीतर होटल में आए मेहमानों का ब्योरा भी लिया। फिलहाल, मेहमानों की आईडी प्रूफ की कॉपी ली गई है। जरूरत लगने पर पुलिस इनसे भी पूछताछ कर सकती है।
घटनास्थल पर दो घंटे से मौजूद थे शूटर
एसआईटी की जांच में सनसनीखेज बात यह भी मालूम चली है कि शूटर 15 अप्रैल की रात अतीक-अशरफ को ढेर करने के लिए दो घंटे पहले ही कॉल्विन हॉस्पिटल पहुंच गए थे। बड़ा सवाल यह है कि इतनी पुख्ता जानकारी शूटरों को कैसे थी, जबकि उस वक्त पुलिस माफिया भाइयों को कसारी-मसारी के जंगल ले जाकर उनसे पिस्टल बरामद करा रही थी।यह किसी बड़ी साजिश से ही संभव है कि शूटर यह जानते थे कि अतीक-अशरफ को एक बार फिर से हॉस्पिटल लाया जाएगा, जबकि इसकी खबर अस्पताल अधीक्षक तक को नहीं दी गई थी।
जैसे ही माफिया भाई रात करीब साढ़े 10 बजे पहुंचे, मीडिया कर्मी बनकर खड़े तीनों शूटरों ने उन पर 20 से ज्यादा गोलियां उतार दीं। हमले की फिराक में शूटर एक दिन पहले भी अस्पताल आए थे, लेकिन तब पुलिस और मीडियाकर्मियों की संख्या ज्यादा होने से बात नहीं बनी थी। अभी रिमांड की अवधि रविवार शाम पांच बजे तक है। इस दौरान और भी कई खुलासे हो सकते हैं।