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दूर दूर से देखने पहुंचे अतीक का उजड़ा आशियाना
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Atik's desolate shelter reached from far away
- फोटो : CITY DESK
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अतीक का आशियाना जमींदोज होने की खबर के बाद बुधवार को सुबह से ही चकिया में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। शहर ही नहीं, कौशांबी से भी तमाम लोग पहुंचे। दिन भर चकिया में लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे।
मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। आसपास के लोग कार्रवाई के बारे में बात करने से भी बचते रहे। पीडीए ने मंगलवार को अतीक अहमद के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके आवास को बुलडोजर से गिरा दिया था। मकान का नक्शा न पास कराए जाने के कारण पीडीए ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे।
चकिया में लगभग चार बीघे जमीन में बसे अतीक के आशियाने को पीडीए ने करीब छह घंटे की कार्रवाई में जमींदोज कर दिया था। बुधवार को न सिर्फ जिले बल्कि कौशांबी के तमाम इलाकों से लोग चकिया पहुंचे।
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तेलियरगंज से आए आकिब ने बताया कि उन्हें कल ही इसके बारे में पता चल गया था लेकिन सुबह अखबार से पता चला कि पूरा घर ही गिरा दिया गया गया है। पूरामुफ्ती के रहने वाले जावेद बाइक से अपनी मां को लेकर आए थे। कटरा के इमरान और राजापुर के जैद भी अतीक का घर देखने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि हमें तो मालूम ही नहीं था कि अतीक का घर इतना बड़ा है।
बाहर से आए लोग तो बात कर ले रहे थे लेकिन मुहल्ले के लोग इस बारे में बात करने में संकोच कर रहे थे। हालांकि कई का कहना था कि कार्रवाई गलत है। पड़ोस में रहने वाले अधिवक्ता मो. हारिश ने कहा कि बिना नक्शा कार्रवाई अगर पीडीए करने लगे तो शहर के 90 फीसदी घरों को गिराना होगा। परिवार का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
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मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। आसपास के लोग कार्रवाई के बारे में बात करने से भी बचते रहे। पीडीए ने मंगलवार को अतीक अहमद के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके आवास को बुलडोजर से गिरा दिया था। मकान का नक्शा न पास कराए जाने के कारण पीडीए ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे।
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चकिया में लगभग चार बीघे जमीन में बसे अतीक के आशियाने को पीडीए ने करीब छह घंटे की कार्रवाई में जमींदोज कर दिया था। बुधवार को न सिर्फ जिले बल्कि कौशांबी के तमाम इलाकों से लोग चकिया पहुंचे।
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तेलियरगंज से आए आकिब ने बताया कि उन्हें कल ही इसके बारे में पता चल गया था लेकिन सुबह अखबार से पता चला कि पूरा घर ही गिरा दिया गया गया है। पूरामुफ्ती के रहने वाले जावेद बाइक से अपनी मां को लेकर आए थे। कटरा के इमरान और राजापुर के जैद भी अतीक का घर देखने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि हमें तो मालूम ही नहीं था कि अतीक का घर इतना बड़ा है।
बाहर से आए लोग तो बात कर ले रहे थे लेकिन मुहल्ले के लोग इस बारे में बात करने में संकोच कर रहे थे। हालांकि कई का कहना था कि कार्रवाई गलत है। पड़ोस में रहने वाले अधिवक्ता मो. हारिश ने कहा कि बिना नक्शा कार्रवाई अगर पीडीए करने लगे तो शहर के 90 फीसदी घरों को गिराना होगा। परिवार का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।

Atik's desolate shelter reached from far away- फोटो : CITY DESK