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अतीक का शिवपाल से किनारा, वाराणसी से निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव
Sun, 28 Apr 2019 07:24 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 28 Apr 2019 07:24 PM IST
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माफिया अतीक अहमद
- फोटो : amar ujala
देश की सबसे हॉट लोकसभा सीट वाराणसी से टिकट मिलने के एलान के 24 घंटे के भीतर ही पूर्व सांसद अतीक अहमद ने शिवपाल सिंह यादव की पार्टी प्रसपा से किनारा कर लिया है। अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे। रविवार को अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम को घेरने के लिए अल्पसंख्यकों के साथ विपक्ष के मतों के ध्रुवीकरण के लिए अतीक निर्दलीय ताल ठोंकना चाहते हैं।
दोपहर बाद सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में शाइस्ता ने जेल में बंद अपने पति अतीक के संदेशों को पत्रकारों के बीच साझा किया। नैनी सेंट्रल जेल में अतीक से मिलने के बाद शाइस्ता ने चुनावी तैयारियों का खुलासा किया। बताया कि अतीक ने वाराणसी से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। बनारस में सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस ने जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, उससे लगता है कि विपक्ष ने मोदी को वाक ओवर दे दिया है। शाइस्ता ने कहा कि सपा-बसपा, कांग्रेस के रणनीतिकार अगर मोदी को चुनौती देना चाहते हैं तो अतीक का खुलकर समर्थन करें।
अतीक ने जेल से कहा है कि वाराणसी में अल्पंख्यक समुदाय का वोट निर्णायक हो सकता है, बशर्ते सभी विपक्षी दल उनसे साथ आ जाएं। शाइस्ता ने बताया कि बीते वर्ष फूलपुर के उप चुनाव में बसपा ने उनके पति अतीक को समर्थन देने का एलान किया था, लेकिन बाद में वह पीछे हट गई थी। इस बार शिवपाल सिंह यादव व उनकी पार्टी के नेताओं से बात चल रही थी, लेकिन विपक्षी दलों में एका बनाने के सवाल पर वह किसी पार्टी के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते।
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शाइस्ता परवीन ने रविवार को अदालत पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनके पति को राहत जरूर मिलेगी। वाराणसी से चुनाव लड़ने के लिए उनके पैरोल(कंडीशनल) संबंधी अर्जी पर सोमवार को सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि चुनाव प्रचार के लिए कोर्ट उनके पेरोल प्रार्थना पत्र पर विचार अवश्य करेगा। पेरोल न मिलने की दशा में मिल जाएगी। पेरोल न मिलने की दशा में वह चुनाव लड़ेंगी या नहीं?इस पर उनका कहना था कि इस दिशा में भी मंथन किया जा रहा है। पेरोल न मिलने पर अतीक जेल से बी चुनाव लड़ सकते हैं।
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दोपहर बाद सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में शाइस्ता ने जेल में बंद अपने पति अतीक के संदेशों को पत्रकारों के बीच साझा किया। नैनी सेंट्रल जेल में अतीक से मिलने के बाद शाइस्ता ने चुनावी तैयारियों का खुलासा किया। बताया कि अतीक ने वाराणसी से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। बनारस में सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस ने जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, उससे लगता है कि विपक्ष ने मोदी को वाक ओवर दे दिया है। शाइस्ता ने कहा कि सपा-बसपा, कांग्रेस के रणनीतिकार अगर मोदी को चुनौती देना चाहते हैं तो अतीक का खुलकर समर्थन करें।
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अतीक ने जेल से कहा है कि वाराणसी में अल्पंख्यक समुदाय का वोट निर्णायक हो सकता है, बशर्ते सभी विपक्षी दल उनसे साथ आ जाएं। शाइस्ता ने बताया कि बीते वर्ष फूलपुर के उप चुनाव में बसपा ने उनके पति अतीक को समर्थन देने का एलान किया था, लेकिन बाद में वह पीछे हट गई थी। इस बार शिवपाल सिंह यादव व उनकी पार्टी के नेताओं से बात चल रही थी, लेकिन विपक्षी दलों में एका बनाने के सवाल पर वह किसी पार्टी के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते।
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शाइस्ता परवीन ने रविवार को अदालत पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनके पति को राहत जरूर मिलेगी। वाराणसी से चुनाव लड़ने के लिए उनके पैरोल(कंडीशनल) संबंधी अर्जी पर सोमवार को सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि चुनाव प्रचार के लिए कोर्ट उनके पेरोल प्रार्थना पत्र पर विचार अवश्य करेगा। पेरोल न मिलने की दशा में मिल जाएगी। पेरोल न मिलने की दशा में वह चुनाव लड़ेंगी या नहीं?इस पर उनका कहना था कि इस दिशा में भी मंथन किया जा रहा है। पेरोल न मिलने पर अतीक जेल से बी चुनाव लड़ सकते हैं।