प्रयागराज : इविवि के असिस्टेंट प्रोफेसर ने जान को बताया खतरा, भगवान राम और कृष्ण पर किया था विवादित ट्वीट
पुलिस आयुक्त को भेजे गए ईमेल में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग में तैनात डॉ.विक्रम ने बताया है कि एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने 22 अक्तूबर को भगवान राम-कृष्ण से संबंधित एक ट्वीट किया।
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पिछले दिनों राम-कृष्ण पर किए गए ट्वीट को लेकर विवादों में घिरे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.विक्रम ने सुरक्षा की गुहार लगाई है। कुलपति के साथ ही पुलिस आयुक्त को ईमेल भेजकर बताया है कि ट्वीट को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिल रही है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
पुलिस आयुक्त को भेजे गए ईमेल में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग में तैनात डॉ.विक्रम ने बताया है कि एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने 22 अक्तूबर को भगवान राम-कृष्ण से संबंधित एक ट्वीट किया। इसको लेकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। साथ ही गालीगलौज भी की जा रही है। उन्होंने बताया है कि उनके लिए विवि का मतलब शैक्षिक स्वतंत्रता, नए विचारों, अभिव्यक्ति की आजादी, क्रांतियों के पथ प्रदर्शकों का केंद्र है। ऐसे में उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
उन्होंने डीएम के साथ ही डीजीपी व एडीजी कानून व्यवस्था को भी ईमेल भेजा है। ईमेल के साथ ही स्क्रीनशॉट भी अटैच किए हैं, जिनमें अलग-अलग अकाउंट से उन्हें धमकाया गया। साथ ही मुंबई हाईकोर्ट के निर्णय की कॉपी भी अटैच की है। उनका दावा है कि इस निर्णय में माना गया है कि धार्मिक देवताओं को लेकर सोशल मीडिया पर किया गया कमेंट आपराधिक कृत्य नहीं है।
वहीं, कुलपति को भेजे गए ईमेल में बताया है कि इविवि 30 अक्तूबर से खुल रहा है। उन्होंने एमए प्रथम व तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को असाइमेंट दिए हैं। विभागाध्यक्ष के निर्देशों के मुताबिक, कोर्स 20 नवंबर तक पूरा कराया जाना है। ऐसे में परिसर व उनके आवास की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कर्नलगंज थाने में दर्ज हुआ है केस
चार दिन पहले डॉ.विक्रम पर कर्नलगंज थाने में केस दर्ज किया गया है। विहिप कार्यकर्ता की ओर से यह एफआईआर लिखाई गई है। आरोप है कि डाॅ.विक्रम आए दिन ट्वीट के माध्यम से हिंदू समाज व देवी देवताओं पर अभद्र व नफरती टिप्पणी कर अपमानित करते हैं। अब उन्होंने भगवान राम व कृष्ण पर टिप्पणी की है। इस मामले में जांच जारी है। कर्नलगंज इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि साइबर सेल के जरिए अकाउंट का सत्यापन कराया जा रहा है। एक्स सोशल मीडिया प्लेटफार्म से भी रिपोर्ट मांगी गई है।