प्रयागराज : अशरफ के साले जैद के फर्जीवाड़े में कॉलेज लिपिक से पूछताछ, पुलिस ने दर्ज किया बयान
इसी संबंध में पुलिस ने प्रधान लिपिक से सवाल पूछे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फिलहाल उसने यह कहते हुए बचाव किया है कि कॉलेज का हाजिरी रजिस्टर उसके पास रहने के साथ-साथ कार्यालय में भी रहता था।
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माफिया खालिद अजीम उर्फ अशरफ के साले मो. जैद मास्टर के फर्जीवाड़े के मामले में बृहस्पतिवार को एमआर शेरवानी कॉलेज के प्रधान लिपिक एजाज अहमद से पूछताछ हुई। पुलिस ने उसका बयान भी दर्ज किया। फिलहाल उसने यही बताया है कि हाजिरी रजिस्टर उसके पास रहने के साथ ही कभी-कभी कार्यालय में भी रहता था। दरअसल मुकदमा दर्ज कराने वाले प्रधानाचार्य मो. याकूब ने पुलिस को बताया है कि हाजिरी रजिस्टर प्रधान लिपिक के पास रहता था। ऐसे में सवाल यह उठ रहा था कि ऐसे में गायब चल रहे जैद के दस्तखत इसमें कैसे हुए।
इसी संबंध में पुलिस ने प्रधान लिपिक से सवाल पूछे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फिलहाल उसने यह कहते हुए बचाव किया है कि कॉलेज का हाजिरी रजिस्टर उसके पास रहने के साथ-साथ कार्यालय में भी रहता था। उधर पुलिस की जांच में एक खास बात यह सामने आई है कि कॉलेज में लगा सीसीटीवी कैमरा फिलहाल खराब चल रहा है। कॉलेज में शिक्षकों के अलावा क्या कभी जैद आया या नहीं, इसका पता लगाने के लिए पुलिस ने फुटेज मांगा तब इसकी जानकारी हुई। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल प्रधानाचार्य का बयान नहीं दर्ज किया जा सका है। एसीपी वरुण कुमार ने बताया कि जांच पड़ताल चल रही है।
30 दिसंबर को दर्ज हुआ था केस
30 दिसंबर को दर्ज इस मुकदमे में आरोप है कि जैद किसी अन्य से मिलीभगत कर गायब होने के बावजूद हाजिरी रजिस्टर पर दस्तखत बनवाता रहा। जैद अशरफ की पत्नी जैनब के सात भाइयों में सबसे बड़ा है। वह पूरामुफ्ती के सल्लाहपुर स्थित एमआर शेरवानी इंटर कॉलेज में इतिहास के प्रवक्ता के पद पर तैनात है। पुलिस अभी रजिस्टर कब्जे में नहीं ले सकी है जिस पर फर्जी तरीके से दस्तखत बनाए गए थे।
उमेश पाल की हत्या के बाद से है गायब
जैद 24 फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड के बाद अगले दिन से वह घर छोड़कर गायब है। पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह कॉलेज भी नहीं जा रहा है। इसके बाद से लगातार उसकी तलाश की जा रही है। उधर कॉलेज के प्रधानाचार्य का आरोप है कि कॉलेज के हाजिरी रजिस्टर में 18 नवंबर 2023 तक जैद के दस्तखत मिले हैं। खास बात यह कि दस्तखत उनके सामने नहीं किए गए और न ही इस दौरान उनकी मुलाकात कभी जैद से हुई।