Asad Encounter : माफिया अतीक के मंसूबों पर फिरा पानी, सरेंडर करने से पहले एसटीएफ ने असद और गुलाम को किया ढेर
उमेश पाल की हत्या करना माफिया अतीक अहमद और उसके परिवार पर भारी पड़ गया। हर बार घटना को अंजाम देने के बाद माफिया के करीबी और शूटर पुलिस को चकमा देकर संरेंडर कर देते थे, जिससे जेल में जाने के कारण वह बच जाते थे।
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पांच लाख के इनामी असद के एनकाउंटर के बाद एक और बात सामने आई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब माफिया के कुनबे के किसी सदस्य से पुलिस की मुठभेड़ हुई हो। इससे पहले अतीक समेत अन्य परिजनों पर मुकदमे होने के बावजूद कभी भी उनका पुलिस से आमना-सामना नहीं हुआ।
अतीक पर वर्तमान में कुल 102 मुकदमे दर्ज हैं। इसी तरह अशरफ 52 मुकदमों में आरोपी है। अतीक का बड़ा बेटा उमर दो मुकदमों में नामजद है। इनमें से एक मुकदमा व्यापारी मोहित अग्रवाल को देवरिया जेल में पीटने से भी संबंधित है। इसी तरह दूसरे नंबर के बेटे अली पर छह मुकदमे हैं। पत्नी शाइस्ता पर चार मामले दर्ज हैं।
अतीक के साथ ही उसके भाई अशरफ की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा उमर और अली भी जेल में हैं। इसके बावजूद कभी ऐसा नहीं हुआ, जब अतीक के कुनबे के किसी भी सदस्य की पुलिस से मुठभेड़ हुई हो। हालांकि असद अपने पहले ही मुकदमे में यूपी के मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल हो गया। यही नहीं घेराबंदी के दौरान उसकी पुलिस से मुठभेड़ भी हुई।
अतीक अहमद
2007 में मायावती सरकार में राजू पाल हत्याकांड में अतीक अहमद के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ। पुलिस की ओर से उसपर 20 हजार का इनाम घोषित किया गया था। करीब एक साल तक फरार रहने के बाद अतीक अहमद नाटकीय ढंग से दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि चर्चा यह ही थी कि अतीक ने खुद से पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
2016 में शुआट्स में घुसकर मारपीट मामले में भी अतीक की गिरफ्तारी नहीं हुई। जबकि इससे पहले वह जमानत पर था और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर लगातार जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया था। 2017 में नैनी थाने पहुंचकर खुद अतीक ने सरेंडर किया था। यह साबरमती जेल में बंद है। फिलहाल पेशी के लिए इसे प्रयागराज लाया गया है और पुलिस को चार दिन की कस्टडी रिमांड मिली है। इसे नैनी जेल में रखा गया है।
खालिद अजीम उर्फ अशरफ
उमेश पाल हत्याकांड में वांछित असद और अतीक के बड़े बेटे उमर से पहले तक उसके कुनबे में सबसे बड़ा इनामी उसका भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ था। उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया गया। तमाम कोशिशों के बाद भी उसे नहीं गिरफ्तार किया जा सका। तीन जुलाई 2020 को नाटकीय ढंग से उसे कौशांबी के हटवा स्थित ससुराल से गिरफ्तार करने का दावा पुलिस ने किया। हालांकि चर्चा यही रही थी कि एनकाउंटर के डर से उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इस समय यह बरेली की जेल में बंद है और पेशी पर प्रयागराज लाया गया है। फिलहाल चार दिन की कस्टडी रिमांड पुलिस को मिली है और इसे नैनी जेल में रखा गया है।
मो. उमर
फरवरी 2020 में सीबीआई ने असद के सबसे बड़े भाई मोहम्मद उमर पर दो लाख का इनाम घोषित किया था। उमर लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल को अगवा कर देवरिया जेल में ले जाकर पीटने के मामले में अपने पिता व उसके अन्य गुर्गों संग नामजद था और दिसंबर 2018 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहा था। पिछले साल अगस्त में उमर ने सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इस समय यह लखनऊ की जेल में बंद है।
अली अहमद
प्रॉपर्टी डीलर जीशान पर जानलेवा हमले और पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में दिसंबर 2021 में अतीक का दूसरे नंबर का बेटा अली अहमद करेली थाने में दर्ज मुकदमे में नामजद होने के बाद से ही फरार हो गया था। उस पर पहले जिला पुलिस ने 25 हजार और फिर आईजी रेंज प्रयागराज ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस की तमाम टीमें उसे तलाशती रहीं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पिछले साल 30 जुलाई को पुलिस को चकमा देकर अली ने इसी मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इस समय यह नैनी जेल में बंद है।