Fire Smoke Detection : ट्रेन में आग लगते ही कोच में होने लगेगी पानी की बौछार, इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा
अब तक 475 एलएचबी कोच एवं 50 पावर कारों को इससे लैस भी किया जा चुका है। शेष बचे 29 कोच इसी वर्ष इस प्रणाली से लैस हो जाएंगे। एनसीआर द्वारा अपनी ट्रेनों के पावर कार एवं पैंट्रीकार में जो एडवांस प्रणाली लगाई गई है, उससे आग लगने या धुंआ निकलने पर कोच के अंदर पानी की बौछार होने लगेगी।
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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन के खाते में इसी वर्ष दिसंबर तक एक खास उपलब्धि दर्ज हो जाएगी। एनसीआर देश का पहला ऐसा जोन बन जाएगा, जिसकी एसी एलएचबी कोच वाली सभी ट्रेनें फायर स्मोक डिटेक्शन व सप्रेशन प्रणाली से लैस हो जाएंगी। अब तक 475 एलएचबी कोच एवं 50 पावर कारों को इससे लैस भी किया जा चुका है। शेष बचे 29 कोच इसी वर्ष इस प्रणाली से लैस हो जाएंगे।
एनसीआर द्वारा अपनी ट्रेनों के पावर कार एवं पैंट्रीकार में जो एडवांस प्रणाली लगाई गई है, उससे आग लगने या धुंआ निकलने पर कोच के अंदर पानी की बौछार होने लगेगी। ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। बताया जा रहा है कि फायर एंड स्मोक डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम के तहत एस्पीरेशन टाइप फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सेंसर्स, सप्रेशन आउटलेट, पीएलसी पैसेंजर अलार्म बजर आदि उपकरण लगाए गए हैं।
इसके माध्यम से यात्री सतर्क तो होंगे ही साथ ही यह एडवांस सिस्टम आग बुझाने का कार्य भी करता है। फिलहाल यह सिस्टम प्रयागराज से नई दिल्ली जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस, सूबेदारगंज-देहरादून एक्सप्रेस, प्रयागराज जंक्शन-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस, प्रयागराज-बीकानेर एक्सप्रेस के साथ कानपुर शताब्दी समेत एनसीआर की 44 जोड़ी ट्रेनों में लगाया जा चुका है।
मंडलवार बात करें तो प्रयागराज मंडल की 22 जोड़ी, झांसी मंडल की 14 जोड़ी एवं आगरा मंडल की आठ जोड़ी ट्रेनों के सभी एसी कोच, पावरकार एवं पेंट्रीकार में यह सिस्टम लगाया जा चुका है। एनसीआर के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि अब सिर्फ 29 कोच में ही यह सिस्टम लगाने का कार्य रह गया है। इसी वर्ष यह कार्य पूरा हो जाएगा।