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प्रयागराज हादसा : अर्थियां उठते ही मची चीत्कार हर आंख हुई नम, मुट्ठीगंज में व्यापारियों ने बंद रखीं दुकानें

Thu, 08 Sep 2022 01:16 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 08 Sep 2022 01:16 AM IST
सार

शव पहुंचते ही परिजनों में चीखपुकार मच गई। यह देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। किसी तरह परिजनों को ढ़ांढस बंधाते हुए शव को रसूलाबाद घाट ले जाया गया जहां अंतिम संस्कार हुआ। सुशील चाय-नाश्ते की दुकान चलाता था और हादसे में वह भी दुकान समेत मलबे की चपेट में आ गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। 

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As soon as the people got up, every eye became moist, merchants kept shops closed in Muthiganj
Prayagraj News : मुट्ठीगंज में मृतक के परिजन बिलखते हुए। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुट्ठीगंज में एक दिन पहले हुए हादसे में मृत शहर के दो दुकानदारों का अंतिम संस्कार बुधवार को गमजदा माहौल में हुआ। शाम को जब अर्थियां उठीं तो चीत्कार मच गई। इस दौरान वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। उधर, हादसे से दुखी इलाके के कारोबारियों ने बाजार भी बंद रखा। हादसे में जान गंवाने वालों में मुट्ठीगंज के ही सुशील गुप्ता व नीरज केशरवानी भी शामिल थे। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार शाम चार बजे के करीब पहले सुशील का शव आर्यनगर मोहल्ले स्थित उनके घर पहुंचा। 

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शव पहुंचते ही परिजनों में चीखपुकार मच गई। यह देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। किसी तरह परिजनों को ढ़ांढस बंधाते हुए शव को रसूलाबाद घाट ले जाया गया जहां अंतिम संस्कार हुआ। सुशील चाय-नाश्ते की दुकान चलाता था और हादसे में वह भी दुकान समेत मलबे की चपेट में आ गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। 

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As soon as the people got up, every eye became moist, merchants kept shops closed in Muthiganj
Prayagraj News : मुट्ठीगंज में मृतक के परिजन बिलखते हुए। - फोटो : अमर उजाला।

अब कौन अम्मा कहकर बुलाएगा
करीब आधे घंटे बाद नीरज का शव घटनास्थल के पास स्थित उसके घर पहुंचा। शव देखते ही मां उमा देवी बदहवास सी हो गई। वह बिलखते हुए यही कहती रहीं कि अब उन्हें कौन अम्मा कहकर बुलाएगा। उसकी पत्नी शानू तो बेसुध हो गई। गौरतलब है कि नीरज पान की दुकान चलाता था और हादसे में उसकी मौत हो गई जबकि भाई धीरज गंभीर रूप से जख्मी हो गया। धीरज का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। नीरज का अंतिम संस्कार दारागंज घाट पर हुआ। 

गमजदा रहे व्यापारी
घटना से गमजदा मुट्ठीगंज हटिया के व्यापारियों ने बुधवार को बाजार बंद रखा। शवयात्रा में बड़ी संख्या में व्यापारी भी शामिल हुए। इस दौरान मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से मृतकों के परिवार को आवास व अन्य सरकारी सुविधाएं अविलंब दिलाने की भी मांग की गई। इसमें राजकुमार केसरवानी, नाजिम के साथ ही पूर्व पार्षद सतीश यादव समेत अन्य शामिल रहे। 


अंत्येष्टि के लिए आते वक्त हादसा
हादसे में मृत नीरज केशरवानी के परिवार को 24 घंटे के भीतर एक और आघात पहुंचा। अंत्येष्टि में शामिल होने आ रही बहन-बहनोई को लेने गया नीरज की बहन का देवर राज केशरवानी (20) सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसकी कार औराई में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं। उसे वाराणसी स्थित अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया जहां हालत गंभीर होने पर कुछ घंटों बाद उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। बता दें कि नीरज की बहन वंदना गुजरात में रहती है। भाई की मौत की खबर पर वह अपने पति के साथ फ्लाइट से वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरी। उसे ही शहर लाने के लिए राज वाराणसी जा रहा था और तभी वह हादसे का शिकार हो गया। 

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