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सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह का खुलासा, दो फौजी समेत चार गिरफ्तार
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प्रयागराज में सेना भर्ती में फर्जीवाड़ा करने के आरोपी पुलिस के शिकंजे में।
- फोटो : CITY DESK
सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो फौजी समेत चार गिरफ्तार
प्रयागराज। एसटीएफ ने लाखों रुपये लेकर सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो फौजियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कौशाम्बी निवासी गिरोह का सरगना भी सेना का जवान है, उसे वांछित घोषित किया गया है। गिरोह के लोग मेडिकल परीक्षा में पास कराने के लिए 60 हजार और पूरी भर्ती के लिए दो से ढाई लाख रुपये लेते थे। खुलासे में मिलिट्री इंटेलिजेंस की भी मदद ली गई। भर्ती के खेल में सेना के कई अन्य लोगों के जुड़े होने की आशंका है।
कई दिनों से एसटीएफ को सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह के बारे में सूचना मिल रही थी। सोमवार को मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम को साथ लेकर सिविल लाइंस में एसटीएफ ने नाजरेथ हास्पिटल के पास से सीओडी छिवकी में फायर इंजन ड्राइवर प्रदीप सिंह यादव, 6 महार रेजीमेंट में नायक के पद पर तैनात संजय पांडेय, मनीष यादव और त्रिपतिनाथ सरोज को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, तमाम अभिलेखों के 229 स्क्रीन शाट, आठ मोबाइल तथा पौने तीन लाख रुपये बरामद किए गए।
पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना कौशाम्बी के सैनी का रहने वाला अजय यादव उर्फ मुलायम सिंह यादव है, जो जोधपुर में सेना में तैनात है। गिरोह के लोग उसी के माध्यम से लखनऊ, वाराणसी, मेरठ तथा अन्य इलाकों में होने वाली भर्तियों में अभ्यर्थियों से पैसे लेकर काम कराते थे। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद सेना के कुछ डॉक्टरों, अधिकारियों, कर्मचारियों और पूर्व सैनिकों के भी गिरोह में शामिल होने की बात पता चली है। इस मामले में सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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प्रयागराज। एसटीएफ ने लाखों रुपये लेकर सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो फौजियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कौशाम्बी निवासी गिरोह का सरगना भी सेना का जवान है, उसे वांछित घोषित किया गया है। गिरोह के लोग मेडिकल परीक्षा में पास कराने के लिए 60 हजार और पूरी भर्ती के लिए दो से ढाई लाख रुपये लेते थे। खुलासे में मिलिट्री इंटेलिजेंस की भी मदद ली गई। भर्ती के खेल में सेना के कई अन्य लोगों के जुड़े होने की आशंका है।
कई दिनों से एसटीएफ को सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह के बारे में सूचना मिल रही थी। सोमवार को मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम को साथ लेकर सिविल लाइंस में एसटीएफ ने नाजरेथ हास्पिटल के पास से सीओडी छिवकी में फायर इंजन ड्राइवर प्रदीप सिंह यादव, 6 महार रेजीमेंट में नायक के पद पर तैनात संजय पांडेय, मनीष यादव और त्रिपतिनाथ सरोज को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, तमाम अभिलेखों के 229 स्क्रीन शाट, आठ मोबाइल तथा पौने तीन लाख रुपये बरामद किए गए।
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पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना कौशाम्बी के सैनी का रहने वाला अजय यादव उर्फ मुलायम सिंह यादव है, जो जोधपुर में सेना में तैनात है। गिरोह के लोग उसी के माध्यम से लखनऊ, वाराणसी, मेरठ तथा अन्य इलाकों में होने वाली भर्तियों में अभ्यर्थियों से पैसे लेकर काम कराते थे। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद सेना के कुछ डॉक्टरों, अधिकारियों, कर्मचारियों और पूर्व सैनिकों के भी गिरोह में शामिल होने की बात पता चली है। इस मामले में सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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