कसी कमर : बाढ़ से निपटने को सेना तैयार, पूर्वी यूपी संग एमपी में भी चलेगा राहत अभियान
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ कई जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर भी शामिल हुए। अध्यक्षता करते हुए सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल राजेश भट्ट ने बाढ़ से ज्यादा प्रभावित होने वाले जिलों में राहत एवं बचाव कार्य की विस्तार से चर्चा की।
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न्यू कैंट स्थित मुख्यालय पूर्वी यूपी, एमपी सब एरिया में शुक्रवार को बाढ़ को लेकर सेना के वरिष्ठ अफसरों संग यूपी और एमपी के अफसरों ने बैठक की। इस दौरान बाढ़ राहत उपायों को बढ़ाने व स्थानीय जिलों के अफसरों संग सेना किस तरह से मिलकर कार्य करे, इस पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ कई जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर भी शामिल हुए। अध्यक्षता करते हुए सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल राजेश भट्ट ने बाढ़ से ज्यादा प्रभावित होने वाले जिलों में राहत एवं बचाव कार्य की विस्तार से चर्चा की। कहा कि किसी जिले में बाढ़ आती है तो उसके बारे में सेना को पल-पल की अपडेट स्थानीय जिला प्रशासन उपलब्ध कराए, ताकि उसी हिसाब से सेना अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे सके।
सैन्य अफसरों ने कहा कि सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से ही संभावित बाढ़ से निपटा जा सकेगा। पूर्वी यूपी और एमपी के तमाम जिलों में अगर बाढ़ आती है तो प्रयागराज से ही सेना के जवान हेलिकॉप्टर की मदद से राहत सामग्री लेकर पहुंचते हैं। बैठक में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग और सिविल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने स्तर से की जाने वाली तैयारियों के बारे में बताया।
सिंचाई विभाग से कहा कि वह नदियों में बांधों एवं बैराजों से छोड़े जाने वाली पानी पर भी नजर रखे। कब, कहां से कितना पानी छोड़ा जा रहा है, उसकी जानकारी समय-समय पर स्थानीय प्रशासन और सेना को दी जाए।